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मुर्शिदाबाद हत्याकांड को लेकर महिला आयोग का ममता को पत्र, गृह मंत्रालय से भी दखल का अनुरोध किया

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

राष्ट्रीय महिला आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस की "निष्क्रियता" अपराधियों के हौसले बढ़ा रही है। आयोग ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय से इसमें दखल देने का अनुरोध किया।

आयोग ने मुर्शिदाबाद में गर्भवती महिला समेत एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। आयोग ने पत्र में मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने का अनुरोध किया है।

आयोग ने एक प्रेस नोट में कहा कि वह घटना को लेकर "क्षुब्ध" है।

प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक बोंधू गोपाल पाल (35), उनकी पत्नी ब्यूटी और पुत्र आंगन का खून में लथपथ शव मंगलवार को जियागंज इलाके में उनके घर से मिला था।

पुलिस को संदेह है कि अज्ञात हत्यारों ने सोमवार रात उनकी हत्या की।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने प्रेस नोट में कहा, "आयोग ने देखा है कि बीते दो साल के दौरान, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। पश्चिम बंगाल में अधिकतर आपराधिक वारदातों को दिनदहाड़े अंजाम दिया गया और पश्चिम बंगाल पुलिस की "निष्क्रियता" अपराधियों के हौसले बढ़ा रही है।

आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि उन्होंने कई बार पश्चिम बंगाल सरकार को पत्र लिखे लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा, "महिलाएं अधिक संवेदनशील होने के चलते आसानी से निशाना बन जाती हैं, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मुझे उम्मीद है कि महिला मुख्यमंत्री अपने राज्य में महिलाओं की दुर्दशा को समझते हुए तुरंत कार्रवाई करेंगी। पुलिस ने इस मामले में अभी तक एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया है।"

उन्होंने कहा, "एक गर्भवती महिला को उसके दो बच्चों के साथ बेरहमी से कत्ल कर दिया जाता है, जिनमें से एक जन्म ले चुका था और एक को जन्म लेना था। पुलिस के पास कोई सुराग नहीं है। यह अस्वीकार्य है। मैं गृह मंत्रालय से इसमें दखल देने का आग्रह करती हूं।"

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( इनपुट-भाषा से )

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