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एनसीआरबी के अपराध संबंधी आंकड़े देश की छवि बेहतर बनाने वाले हरगिज नहीं : मायावती

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों पर चिंता व्यक्त करते हुये बुधवार को दावा किया कि ये आंकड़े भारत की छवि बेहतर बनाने वाले हरगिज नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि एनसीआरबी ने एक साल से भी अधिक समय की देरी से मंगलवार को 2017 के अपराध संबंधी आंकड़े जारी किये थे। इन आंकड़ों के अनुसार, देश में अपराध, खास कर महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, आपराधिक मामले दर्ज किये जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पहले पायदान पर है। इसके बाद महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल और दिल्ली का नंबर आता है।

मायावती ने ट्वीट कर कहा, ‘‘एनसीआरबी ने बहुत विलंब के बाद अपराध के जो आंकड़े पेश किए हैं, वे मीडिया जगत में स्वाभाविक तौर पर सुर्खियों में हैं तथा वे भारत की छवि को बेहतर बनाने वाले हरगिज नहीं हैं। यह बड़े दुःख और चिन्ता की बात है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश में हर प्रकार के अपराधों पर रोक लगाने, खासकर महिला सुरक्षा के मामले में केन्द्र और राज्य सरकारों को पूरी ईमानदारी के साथ बहुत कुछ करने की सख्त जरूरत है।’’


उत्तर प्रदेश में अपराधों के आंकड़ों के संदर्भ में मायावती ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। यह स्थिति तब है जब केन्द्र और राज्य में भी एक ही पार्टी भाजपा की सरकार है।’’

उल्लेखनीय है कि देश में 2017 में कुल 30,62,579 आपराधिक मामले दर्ज किये गये थे। इनकी 2015 में संख्या 29,49,400 और 2016 में 29,75,711 थी। उत्तर प्रदेश में 2017 में 3.10 लाख आपराधिक मामले दर्ज किये गये।
 

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