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नेशनल हेराल्ड मामला: स्वामी ने अदालत से कहा कि एजेएल के शेयरधारक हुए धोखाधड़ी के शिकार

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को दिल्ली की एक अदालत से कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ उनके द्वारा दर्ज कराए गए भ्रष्टाचार के मामले में नेशनल हेराल्ड अखबार की प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के बजाय इसके शेयरधारक धोखाधड़ी के शिकार हुए।

स्वामी ने मामले में जिरह के दौरान अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के समक्ष दलील दी।

उन्होंने एक निजी आपराधिक शिकायत में सोनिया, राहुल गांधी तथा अन्य पर आरोप लगया है कि उन्होंने केवल 50 लाख रुपये अदा कर धोखाधड़ी तथा धन के दुरुपयोग की साजिश रची जिसके माध्यम से यंग इंडियन (वाईआई) प्राइवेट लिमिटेड ने वो 90.25 करोड़ रुपये की भरपाई का अधिकार हासिल किया जो एजेएल पर कांग्रेस के बकाया थे।

गांधी की तरफ से वरिष्ठ वकील आर एस चीमा के एक सवाल पर स्वामी ने कहा, ‘‘संभवत: टाइप की गलती से उन्होंने मामले में धोखाधड़ी का शिकार एजेएल को बता दिया।’’

चीमा ने शिकायत के उस हिस्से की ओर ध्यान दिलाया था जहां स्वामी ने एजेएल को ‘धोखाधड़ी का शिकार’ बताया।

स्वामी ने कहा, ‘‘यह सच है कि एजेएल के शेयरधारकों के साथ धोखाधड़ी की गयी। मैंने यह नहीं कहा कि एजेएल के साथ धोखाधड़ी की गयी। यह संभवत: टाइपिंग की गलती थी।’’

अदालत अब मामले में 29 नवंबर को सुनवाई करेगी।

मामले में सातों आरोपियों ने अपने खिलाफ आरोपों को खारिज कर दिया है। इन आरोपियों में सोनिया, राहुल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा तथा वाईआई हैं।

सोनिया, राहुल, वोरा, फर्नांडीज, दुबे और सैम पित्रोदा पर संपत्ति का दुरुपयोग, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप हैं।

क्या हैं नेशनल हेराल्ड मामला
बता दें भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी का आरोप है कि यह सब कुछ दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 16 सौ करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया। सोनिया-राहुल के खिलाफ अपनी याचिका में बीजेपी नेता ने लिखा है कि साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को टीजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया है। 

( इनपुट-भाषा से भी )

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