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EXCLUSIVE: MQM संस्थापक और PAK नेता अल्ताफ हुसैन ने PM मोदी की तारीफ की, हिंदुस्तान में मांगी शरण

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

ब्रिटेन में निर्वासित जीवन बिता रहे मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन एक बार फिर भारत से उन्हें और उनके साथियों को देश में राजनीति शरण देनी की मांग की है। जिसके बाद एक बार फिर वो सुर्खियों में आ गए हैं।  

पाकिस्तान में MQM के संस्थापक अल्ताफ हुसैन का रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के साथ वो एक्सक्लूसिव बातचीत की, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का पर्दाफाश किया।उन्होंने माना कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर जुल्म किया जा रहा है।

रिपब्लिक टीवी को दिए इंटरव्यू में MQM के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने कश्मीर मुद्दे पर इमरान खान को आईना दिखाया। उन्होंने माना कि पाक आर्मी PoK में बहन बेटियों पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया।

अल्ताफ हुसैन ने भारत में राजनीतिक शरण की मांग दोहरते हुए कहा कि मैं रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे अपनी बात रखने के लिए बुलाया, जब हमारी पाकिस्तान में कोई नहीं सुन रहा है। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो खत लिखा जिसमें पूरी दास्तान सुनाई। लेकिन उन्होंने एक खत का सज्ञान नहीं लिया। मैंने अपने खत में पीएम मोदी से ये मांग की वो पाकिस्तान में मुहाजिरों के साथ होने वाले अत्यचार को यूनाइटेड नेशन जैसे मंच से उठाएं। 

उन्होंने आगे पाकिस्तानी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि MQM के 1500 -2000 को जबरन गायब करा दिया है और कोई नहीं जानता कि वो इस वक्त कहां हैं। वो कई- कई सालों से गायब हैं लेकिन उनकी कोई खबर नहीं है। 

अल्ताफ ने आगे रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को धन्यवाद देते हुए कहा कि वो मुहाजिर की आवाज को पूरी दुनिया में पहुंचा रहे हैं। मैं बताना चाहता हूं कि 1948 से लेकर आजतक पाकिस्तान में हजारों के तदाद में ब्लोच का बढ़ी बेदर्दी से मारा जाता है।  

बता दें, सोमवार को अल्ताफ ने वीडियो जारी कर पीएम मोदी ने भारत में शरण देने की अपील की थी। किसी तरह की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करने का वादा करते हुए हुसैन ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया के जरिये यह बयान जारी किया और साथ ही उन्होंने उच्चतम न्यायालय की ओर से अयोध्या विवाद पर दिए फैसले का स्वागत किया।

हुसैन ने नौ नवंबर को जारी भाषण में कहा, ‘‘अगर आज भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुझे भारत आने की इजाजत देंगे और मुझे समर्थकों के साथ शरण देंगे तो मैं अपने सहयोगियों के साथ भारत आने को तैयार हूं, क्योंकि मेरे दादा वहां दफन हैं, मेरी दादी वहां दफन हैं, मेरे हजारों रिश्तेदार भारत में दफन है। मैं वहां जाना चाहता हूं। मैं उनकी कब्रों पर जाना चाहता हूं। वहां इबादत करना चाहता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं शांतिप्रिय इनसान हूं। मैं किसी राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करूंगा। मैं वादा करता हूं। बस मुझे, मेरे साथियों के साथ भारत में रहने के लिए जगह दी जाए। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कुछ बलोच, सिंधी, जिनके नाम मैं दूं उन्हें भी शरण दी जाए।’’

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