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पाकिस्तान के ऑनलाइन ठगी गिरोह के लिए करते थे काम... 6 आरोपी गिरफ्तार

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पाकिस्तान के ऑनलाइन ठगी गिरोह के निर्देशों पर भारतीय बैंक खातों में बड़े पैमाने पर रकम इधर से उधर करने के आरोप में 6 युवकों को मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने इंदौर से शुक्रवार को धर दबोचा.

STF की इंदौर इकाई के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने मीडिया से बताया कि आरोपियों की पहचान पुष्पेंद्र सिंह उर्फ छोटू सिंह (27), मनीष भालसे (23), नागेंद्र सिंह (28), सुजीत सिंह (22), करण सिंह (22) और ब्रजेंद्र सिंह (25) के रूप में हुई है. प्रदेश के सतना जिले से ताल्लुक रखने वाला छोटू सिंह इन आरोपियों का सरगना है. वह इन दिनों इंदौर में रहकर अपना गिरोह चला रहा था.

SP ने बताया, "गिरफ्तार आरोपी उस पाकिस्तानी गिरोह से जुड़े हैं जो लॉटरी खुलने और अन्य झांसे देकर भारत के लोगों को जाल में फंसाता है और ऑनलाइन ठगी के जरिए उनसे बैंक खातों में रकम जमा कराता है." 

उन्होंने बताया, "छोटू सिंह और उसके साथी भारत के बैंक खाताधारकों को धन का लालच देकर पाकिस्तानी गिरोह के लिए बैंक खातों का इंतजाम करते थे. फिर वे पाकिस्तानी ठगों के निर्देशों पर इन खातों के जरिए रकम का लेन-देन कराते थे"  उन्होंने बताया कि एसटीएफ के हत्थे चढ़े आरोपी भारत में बैंक खातों के इंतजाम के बदले पाकिस्तानी गिरोह से सात फीसद कमीशन वसूलते थे. ये कमीशन उस रकम पर वसूला जाता था, जो ऑनलाइन ठगी के जरिए भारतीय बैंक खातों में जमा कराई जाती थी.

पुलिस अधीक्षक ने बताया, "हमें अब तक मध्यप्रदेश में इस गिरोह के करीब 40 बैंक खातों के बारे में पता चला है. हम इन खातों के जरिए हुए लेन-देन की जांच कर रहे हैं. जिससे पता लग सके कि ऑनलाइन ठगी की रकम पाकिस्तानी गिरोह के लोगों तक आखिर किस तरह पहुंचती थी." उन्होंने बताया कि हमें आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने भारतीय बैंक खातों में जमा रकम के जरिए पाकिस्तानी टीवी कनेक्शनों के लिए ऑनलाइन डीटीएच रीचार्ज भी कराए हैं." 

बहरहाल, STF को सिर्फ दो बैंक खातों की जांच के बाद ही अंदाजा हो गया है कि पाकिस्तानी गिरोह द्वारा भारत में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ठगी की जा रही है. 

SP ने बताया, "ठग गिरोह से जुड़े एक बैंक खाते में पिछले एक साल के दौरान एक करोड़ 43 लाख रुपS की रकम जमा कराई गई है. एक अन्य बैंक खाते में पिछले तीन महीने में 43 लाख रुपए जमा कराए गए हैं."

फिलहाल STF मामले की पूरी जांच कर रहा है.

(इनपुट : भाषा)

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