General News

मप्र में किसानों को फसल हानि पर न्यूनतम मुआवजा 5,000 रुपये से कम नहीं होगा: गोविन्द सिंह राजपूत

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

मध्यप्रदेश सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि प्रदेश में लघु एवं सीमांत किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसल हानि पर न्यूनतम मुआवजा 5,000 रुपये से कम नहीं होगा।

मध्यप्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बुधवार को यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘मध्यप्रदेश सहित देश में किसानों को उनकी फसल की हानि पर 100-200 रुपये मुआवजा देने की खबरें आ चुकी हैं, जिससे सरकार की किरकिरी होती है। लेकिन अब मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी फसल हानि पर न्यूनतम क्षतिपूर्ति 5,000 रुपये से कम नहीं होगी।’’ उन्होंने कहा कि इसके लिए हमने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6 (4) में मुआवजे की राशि में संशोधन कर दिया है।

राजपूत ने बताया, ‘‘लघु एवं सीमांत कृषक के मामले में वर्षा आधारित फसल पर फसल हानि पर न्यूनतम क्षतिपूर्ति राशि 5,000 रुपये से कम नहीं होगी। वहीं बारहमाही फसलों के मामले में भी देय राशि 5,000 रुपये से कम नहीं होगी।’’ इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग तेजी से काम करने के लिए पटवारियों के रिक्त पदों पर भर्ती करने सहित कई कदम उठा रही है।

राजपूत ने बताया, ‘‘पटवारी के रिक्त पदों को भरे जाने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि सभी हल्कों में पटवारियों की व्यवस्था हो। वर्तमान में सभी हल्कों में पटवारी नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, पटवारी के पारंपारिक बस्ते को इलेक्ट्रॉनिक बस्ते में परिवर्तित किये जाने हेतु पायलेट परियोजना का क्रियान्वयन प्रस्तावित है ताकि उनके काम में तेजी लायी जा सके। इसके तहत पटवारियों को लैपटॉप प्रदान किये जाएंगे। इसे प्रारंभिक तौर पर प्रदेश के दो जिलों में प्रारंभ किया जाएगा।’’

राजपूत ने बताया कि भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल की लगभग 1000 एकड़ भूमि जो उपयोग नहीं हो रही है, उसको मध्यप्रदेश सरकार वापस लेने की कार्यवाही कर रही है। राज्य शासन द्वारा केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्रालय को इस बारे में पत्र लिखा गया है। इस जमीन को मध्यप्रदेश सरकार ने कई साल पहले भेल को उस वक्त दिया था, जब यह कंपनी भोपाल में स्थापित हुई थी लेकिन भेल द्वारा इसका अब तक उपयोग नहीं किया गया है।

DO NOT MISS