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क्रिकेटर से नेता बने चेतन चौहान बोले - जात न पूछो हनुमान की, वह शत्रु की शक्ति के पूरक और एक खिलाडी थे.

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने बढ़ती ठंड के चलते गरीबों को कंबल वितरण किया जहां कंबल वितरण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि हनुमान जी देवता से भगवान थे और मैं उनको भगवान मानता हूं एक महापुरुष मानता हूं और मैं उनकी पूजा करता हूं मैं खिलाड़ी हूं और खिलाड़ी लोग जो हमेशा शक्ति की पूजा करते हैं क्योंकि उन्हें शक्ति की आवश्यकता होती है ऊर्जा की आवश्यकता होती है और हनुमान जी भगवान हनुमान ज्योति वह शत्रु की शक्ति के पूरक थे और कुश्ती भी करते थे खिलाड़ी भी थे और तो हम लोग सब उनकी भी कुश्ती हैं सब जगह उनका स्थान रहता है उनकी अर्चना करते हैं हम लोग और भगवान की कोई जाति नहीं होती साधु संत की कोई जाति नहीं होती है फकीर की कोई जाति नहीं होती है और उसी प्रकार से हम हनुमान जी के भगवान मानते हैं मैं कम से कम उनको भगवान ही मानता हूं मैं उनके जाति में नहीं पड़ना चाहता . 

हाल ही में हुए 3 राज्यों के चुनाव के बारे में बोलते हुए चेतन चौहान ने कहा कि कांग्रेस की बहुत बड़ी विजय हुई है मैं इस बात को नहीं मानता हूं हां छत्तीसगढ़ में उनको वाकई में विजय मिली है लेकिन बाकी जगह में मध्यप्रदेश में हम उनसे ज्यादा वोट मिला है और राजस्थान का जातक सवाल है राजस्थान में एक परसेंट भी बहुत ज्यादा नहीं मिला कई बार वोटों का विभाजन हो जाता है इसलिए बीजेपी पीछे रह गई मैं उसको हार नहीं मानता पहले भाजपा वहां पर तीन बार सरकार बना चुकी है अगर हमारा विरोध तो हमारी हार होनी चाहिए थी मेरा मानना है कि दोबारा से वापसी करेगी भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस ने जो कर्ज माफ किया है मां पूजा न दीजिएगा मैं फिर बात करूंगा आपसे जब हमने उनसे राम मंदिर निर्माण पर कानून लाने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन वहां राम मंदिर था है और राम मंदिर बनेगा.

इससे पहले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, 'जाट प्रभु हनुमान के वंशज हैं . हनुमान जी जाट थे . ' अभी कल ही मुस्लिम एमएलसी बुक्कल नवाब हनुमान को मुसलमान बता चुके हैं . इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमान को दलित कह चुके हैं .

चौधरी ने अपनी दलील के पीछे तर्क दिया, 'भगवान राम की पत्नी माता सीता का हरण रावण ने किया था लेकिन लंका का दहन हनुमान जी ने किया था. ये ऐसी ही बात है कि किसी के प्रति कोई अन्याय कर रहा हो और तीसरे व्यक्ति को दोनों के ही बारे में पता ना हो। यह जाट का स्वभाव होता है ... जब किसी के साथ अन्याय होता है तो वे :जाट: हस्तक्षेप करते हैं .' उन्होंने कहा कि प्रभु हनुमान से बलशाली कौन था. दारा सिंह कौन थे. वे जाट थे .

वहीं गुरुवार को गुरुवारा को भारतीय जनता पार्टी के विधायक बुक्कल नवाब ने संवाददाताओं से कहा था, 'हमारा मानना है कि हनुमान जी मुसलमान थे .  इसलिए मुसलमानों के अंदर जो नाम रखा जाता है ... रहमान, रमजान, फरमान, जीशान, कुरबान ... जितने भी नाम रखे जाते हैं वो करीब-करीब उन्हीं पर रखे जाते हैं .'

बुक्कल नवाब कहते हैं कि करीब 100 नाम ऐसे हैं , जो हनुमानजी पर ही आधारित हैं. हिंदू भाई हनुमान जी नाम रख लेंगें, लेकिन सुल्तान नहीं मिलेगा, अरमान ,  रमजान नहीं रख सकते.

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