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"मरने से पहले मुझे अपने बच्चों से बात करने दीजिए": पीटर मुखर्जी ने अदालत से कहा

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पूर्व मीडिया उद्यमी पीटर मुखर्जी ने शुक्रवार को एक विशेष अदालत से कहा कि उन्हें अपने बच्चों से बात करने की अनुमति दी जाए। वह शीना बोरा हत्या मामले में आरोपी हैं। हत्या मामले में एक चिकित्सक की गवाही पूरी होने के बाद मुखर्जी कठघरे में पहुंचे और फिर विशेष न्यायाधीश जे. सी. जगदाले से आग्रह किया।

मुखर्जी ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि मैं कब तक जिऊंगा। मैं मरने से पहले अपने बच्चों से बात करना चाहता हूं जो विदेश में रहते हैं।’’

उनके आग्रह पर अदालत ने कहा कि वह जेल में लोगों से मुलाकात करते हैं तो मुखर्जी ने जवाब दिया कि वह उन लोगों से मुलाकात करते हैं जो मुकदमा के मामले से जुड़े हुए हैं और ‘‘पिछले तीन वर्षों से अपने करीबी लोगों से नहीं मिल सके हैं।’’

इसके बाद न्यायाधीश ने उनसे कहा कि अदालत ‘‘तौर तरीके पर काम कर रही है।’’

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पूर्व मीडिया उद्यमी ने अदालत को अपने स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी दी। मार्च में एक निजी अस्पताल में उनकी बायपास सर्जरी हुई थी।

उन्होंने स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल जाने की अनुमति देने के लिए न्यायाधीश का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके सभी पैरामीटर नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह अदालत में मेडिकल रिपोर्ट पेश करेंगे।

फिलहाल न्यायिक हिरासत में चल रहे मुखर्जी अपनी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी और संजीव खन्ना के साथ अदालती कार्यवाही का सामना कर रहे हैं।

अभियोजन के मुताबिक, इंद्राणी ने अपने चालक श्यामवर राय और पूर्व पति संजीव खन्ना की मदद से अप्रैल 2012 में शीना बोरा (24) की हत्या कथित तौर पर की थी।

मुखर्जी पर हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है।

घटना अगस्त 2015 में तब प्रकाश में आई जब पुलिस ने हथियार रखने के आरोप में राय को गिरफ्तार किया था और उसने सारे भेद खोल दिए।