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तेजप्रताप को मिली जान से मारने धमकी, धमकी देनेवाला खुद को बताया छात्र राजद अध्यक्ष

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की वजह से फिर एक बार लालू परिवार की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल तेजप्रताप यादव को और उनके पीएम को किसी ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी है। जानकारी के अनुसार तेजप्रताप ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ पटना स्थित सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

तेजप्रताप यादव और उनके पीए द्वारा सचिवालय थाना पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार धमकी भरा फोन मोबाइल नंबर 8292809517 से आया था। धमकी देनेवाले खुद को गोह का छात्र राजद अध्यक्ष बताया।   


बता दें बिहार में आरजेडी संकट में है लालू परिवार में बर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है। लालू के लाल दोफाड़ हो गए हैं, अपने बड़े भाई तेज प्रताप पर तेजस्वी यादव ने कहा कि जो भी हमारी राय होगी हम अपने घर में बात करंगे और अपने पार्टी में बात करेंगे। 

याद दिला दें कि तेज प्रताप यादव ने आरजेडी से अलग लालू-राबड़ी के नाम से अलग मोर्चा बना लिया है यही नहीं तेजप्रताप यादव ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी भी दी है। तेजप्रताप ने ऐलान किया है कि उनका मोर्चा 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।

बिहार में लालू यादव के परिवार में दो फाड़ हो चुके हैं कल तेजप्रताप यादव ने अलग मोर्चा बनाने का ऐलान किया उसके बाद आज प्रेस कॉन्फेंस में देखने वाली बात होगी कि तेजस्वी आज क्या ऐलान करते हैं।

बिहार की राजनीति में लालू परिवार की हैसियत किसी से छिपी नहीं है। लेकिन चुनाव से ऐन पहले लालू के परिवार में मचा घमासान बढ़ता जा रहा है। चुनावी मौसम है, पिता जेल में हैं, और बच्चों के बीच बढ़ती दूरी ने परिवार और पार्टी को मुश्किल में डाल दिया है। 

बिहार में अब तक महागठबंधन में झगड़ा चल रहा था, लेकिन अब लालू के लालों के बीच दरार ने मुश्किलों को बढ़ा दिया है। 

लालू के बड़े तेज प्रताप बांसूरी बजाकर कृष्ण बनने की कोशिश में लगे थे, लेकिन छोटे भाई तेजस्वी ने अर्जुन बनकर ऐसा तीर मारा की परिवार दो हिस्सों में बंट गया।

पहले दरार की ख़बरे आई, फिर तेजप्रताप ने उसपर मोहर लगा दी और अब लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप ने बगावत का बिगूल फूंक दिया, और लालू राबड़ी के नाम पर अलग मोर्चा बना लिया। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने अपनी मां राबड़ी देवी से सारण सीट से चुनाव लड़ने की अपील भी कर दी 

उन्होंने बोला कि मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि राबड़ी जी सारण सीट से चुनाव लड़े। तेज प्रताप ने ये भी ऐलान किया अगर मां ने साथ नहीं दिया तो वो खुद निर्दलीय के तौर पर सारण से चुनाव लड़ेंगे।

दरअसल ये सारा मामला शिवहर और जहानाबाद सीट को लेकर शुरु हुआ था। जहां से तेज प्रताप अपने उम्मीदवार उतारना चाहते थे लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। अब उनके उम्मीदवार अंगेश सिंह ने भी तेजप्रताप का साथ देने का ऐलान किया है।

लालू जेल में हैं और उनके दोनों बेटों के बीच लड़ाई तेज हो चुकी है। कुछ लोग इस फूट के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार मान रहे हैं तो कुछ लोग तेजस्वी की राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को वजह जो भी हो। 

कुर्सी के लालच ने महागबंधन की पहली बलि ले ली है और ये सिलसिला अभी शुरू हुआ है। कहीं ऐसा ना हो कि लालू की आरजेडी की लालटेन उनके चिराग ही ना बुझा दें।

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