General News

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने मोदी के साथ सेल्फी ट्वीट की, कहा “कितने अच्छे हैं मोदी”

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सेल्फी ट्वीट की और उनकी सराहना करते हुए हिंदी में लिखा, “कितने अच्छे हैं मोदी।” 

जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दोनों नेता (मोदी और मॉरिसन) जापान के ओसाका में हैं । 

ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री ने आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उनके साथ कुछ अच्छे पल साझा किए।


मॉरिसन ने मोदी के साथ के एक सेल्फी ली और ट्विटर पर एक कैप्शन के साथ पोस्ट किया, “कितने अच्छे हैं मोदी।” 

पिछले महीने दोनों नेताओं ने अपने-अपने देश में मिली चुनावी जीत पर एक-दूसरे को बधाई दी और साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई थी।

जी-20 अंतरराष्ट्रीय नेताओं का मंच है जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है। जी-20 का 14वां संस्करण यहां 28 से 29 जून तक आयोजित हो रहा है।

बता दें, जापान के ओसाका शहर में जी-20 समिट के अलावा ब्रिक्स नेताओं की शुक्रवार को अनौपचारिक बैठक भी हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिये सबसे बड़ा खतरा है जो न सिर्फ बेगुनाहों की हत्या करता है बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और जातिवाद का किसी भी जरिए से समर्थन बंद करने की जरूरत है।

 

ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) नेताओं की मुलाकात के दौरान उन्होंने दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रपति चुने जाने पर सिरिल रामफोसा को भी बधाई दी।

अपनी टिप्पणी में मोदी ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को मजबूत बनाने, संरक्षणवाद से लड़ने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने की जरूरत पर बल दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘आज, मैं तीन प्रमुख चुनौतियों पर अपना ध्यान केंद्रित करूंगा। पहली है, वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता और गिरावट। नियम आधारित बहुपक्षीय वैश्विक व्यापार प्रणाली पर एकपक्षवाद और प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रभाव है।’’ 

मोदी ने कहा, ‘‘संसाधनों की कमी, आधारभूत ढांचे में निवेश में लगभग 1.3 खरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की कमी है।’’ 

प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरी है, विकास को सतत् और समावेशी बनाना। डिजिटलाइजेशन जैसी तेजी से बदलती तकनीकें और जलवायु परिवर्तन मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों के लिये चुनौती पेश करती हैं।

 

DO NOT MISS