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कर्नाटक उपचुनाव : कांग्रेस - जेडीएस गठबंधन का इम्तिहान

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस -जेडीएस गठबंधन की परीक्षा होने वाली है क्योंकि शनिवार को तीन लोकसभा और दो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने जा रहा है और इनके नतीजों का असर राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ने की संभावना है.

चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला करने वाले गठबंधन के दोनों भागीदारों ने इसे मई 2019 आम चुनाव का आगाज करार दिया है और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ इसी तरह के महागठबंधन का आह्वान किया है.

तीन लोकसभा सीटों - बल्लारी, शिवमोगा और मांड्या के साथ ही रामनगर और जामखंडी विधानसभा क्षेत्रों में शनिवार को मतदान होगा. करीब 6,450 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और कुल 54,54,275 योग्य मतदाता हैं.

सभी पांच निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबले में कुल 31 उम्मीदवार हैं .  हालांकि, मुख्य मुकाबला कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन और भाजपा के बीच है.बता दें रामनगरा विधानसभा सीट पर  मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमारस्वामी अपना भाग्य अजमा रही हैं.  

वहीं भाजपा उम्मीदवार एल चंद्रशेखर ने वोट डाले जाने से पहले ही मैदान छोडते हुए कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया . 

जानकारी के मुताबिक  चंद्रशेखर बीजेपी के नेताओं से नाराज थे. क्योंकि उनके लिए किसी बड़े नेता ने कैंपेनिग नहीं की. चंद्रशेखर ने अभी दो हफ्ते पहले ही पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी , लेकिन अब उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेकर कांग्रेस - डेजीएस के उम्मीदवार को अपना समर्थन दे दिया है. 

रामनगर सीट पर कांग्रेस - जेडीएस की संयुक्त उम्मीदवार मुख्यमंत्री कुमारस्वामी की पत्नी अनिता कुमारस्वामी है. बीजेपी उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद उनकी जीत का रास्ता साफ हो गया है.  इस पर कुमारस्वामी ने कहा कि बीजेपी को इसके लिए खुद को जिम्मेदार ठहराना चाहिए. कांग्रेस - जेडीएस को नहीं.

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उन्होंने उनसे जबरन बीजेपी ज्वॉइन करवाया  , लेकिन उनसे किया अपना वादा नहीं निभाया. उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्हें टिकट देने से पहले बात नहीं की. 

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( इनपुट - भाषा से भी )

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