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कारगिल विजय दिवस: जावनों के शौर्य की कहानी , नाइक दीपचंद की जुबानी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


ऑपरेशन विजय के 20 साल पूरे हो चुके हैं और आज देश करगिल में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा है। देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जिसमें शहीदों को नमन किया जा रहा है। आज द्रास में राष्ट्रपति रामनाथ कविंद भी वॉर मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। जहां साथ में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी मौजूद रहेंगे। वहीं दिल्ली के इंडिया गेट से चली विजय मशाल भी द्रास पहुंचने वाली है। ये विजय मशाल 9 शहरों से होते हुए द्रास पहुंचेगी। 

 


करगिल युद्ध की बड़ी बातें
 
1 - तीन मई 1999 को एक चरवाहे ने दी घुसपैठ की जानकारी

2 - LoC पर भारतीय सेना ने चलाया ऑपरेशन विजय

3 - 18 हज़ार फीट की ऊंचाई पर लड़ी जंग

4 - पाकिस्तान के 3 हज़ार सैनिकों को किया ढेर

5 - भारत के 527 जवान हुए थे शहीद 

6 - 1363 जवान हुए थे घायल

7 - बोफोर्स तोप ने निभाई थी अहम भूमिका 

8 - ऊंची पहाड़ियों से पाकिस्तान को खदेड़ा

9 - भारतीय वायुसेना ने मिग-27 और मिग-29 उतारे

10 - 32 हज़ार फीट की ऊंचाई से हवाई हमले किए

11 -  पाकिस्तान पर बरसाईं आर-77 मिसाइलें

12 -  लगभग 60 दिनों तक चली जंग

13 -  भारतीय सेना ने दुश्मन पर तीन तरफ से हमला बोला

13 - टाइगर हिल, द्रास और बटालिक से दुश्मनों को खदेड़ा

14 - तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजेपयी ने 14 जुलाई की जीत की घोषणा की

करगिल के वीर

1. कैप्टन विक्रम बत्रा

13 जेके रायफल्स में कमीशंड
शेरशाह नाम से मशहूर
विजय उद्घोष ‘ये दिल मांगे मोर’
चोटी 5140 पर जीत हासिल की
परमवीर चक्र से सम्मानित

2. लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय 

1/11 गोरखा राइफल्स में कमीशंड
पांचवें नंबर के प्लाटून कमांडर
चार बंकरों का किया खात्मा
खालूबार को किया फतह
परमवीर चक्र से सम्मानित

3. राइफलमैन संजय कुमार

13 जेके रायफल्स में कमीशंड
टॉप प्वाइंट 4875 को जीता
बंकरों से दुश्मन को भगाया
अपनी टुकड़ी को बचाया
परमवीर चक्र से सम्मानित

4. ग्रेनेडियर्स योगेंद्र सिंह यादव

18 ग्रेनेडियर बटालियन में कमीशंड
घटक नाम से मशहूर कमांडो प्लाटून
टाइगर हिल पर लड़ी जंग 
अकेले तीन बंकर उड़ाए
सबसे कम उम्र में मिला परमवीर चक्र

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