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जज लोया केस LIVE : सुप्रीम कोर्ट ने जज लोया से जुड़े सभी याचिकाओं को किया खारिज

Written By Gaurav Kumar | Mumbai | Published:

जज बीएच लोया की मौत मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग वाली  याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया है. जज लोया केस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा, ''इस मामले में कोई जांच नहीं होगी, केस में कोई आधार नहीं है.'' ''उन चार जजों के बयान पर संदेह करने का कोई सवाल ही नहीं है.'' जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा, जब जज लोया शादी समारोह में गए थे तब उनके साथ तमाम जज हमेशा मौजूद थे. ट्रेन में न्यायमूर्ति लोया के साथ सभी यात्रा कर रहे थे. 

बता दें, जज लोया सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे. जज लोया 1 दिसंबर, 2014 को अपने सहयोगी की बेटी की शादी में गए थे जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. हांलाकि जज लोया के परिवार ने किसी भी संदिग्ध वारदात से इनकार किया है. इस पूरे मामले पर जज लोया के बेटे ने मीडिया के सामने आकर साफतौर पर कहा था कि ''मेरे पिता की मौत प्राकृतिक है. इस मामले को राजनीतिक रूप ना दिया जाए''.

बता दें, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में जज लोया मृत्यु केस की सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने मृत्यु को प्राकृतिक बताते हुए 4 जजों का ब्यान कोर्ट में पेश किया था. जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था की बॉम्बे हाई कोर्ट में इस केस से जुड़ी सभी याचिकाओं की सुनवाई भी सुप्रीम कोर्ट करेगा.

गवाही 1 - श्रीकांत कुलकर्णी
मेंबर सेक्रेटरी, महाराष्ट्र स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी

'श्री लोया की मृत्यु 1 दिसंबर, 2014 को दिल का दौरा पड़ने से हुई.'

गवाही  2: श्रीराम मोदक
प्रिन्सिपल डिस्ट्रिक्ट जज, पुणे

'हम जज लोया को एक गाड़ी में दांड़े हॉस्पिटल लेकर गये थे जहां डॉक्टर ने शुरुआती जांच के बाद उन्हें दूसरे हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी थी.'

गवाही 3: विजय बर्डे
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सिटी सिविल कोर्ट, मुंबई

'जब हम कार लेकर मेडिट्रिना हॉस्पिटल पहुचें तो लोया सर जागे हुए नहीं थे, हमने तुरंत स्ट्रेचर मँगवाया और आईसीयू लेकर गए'

गवाही 4: आर आर राठी
डिस्ट्रिक्ट जज, बारामती

'मिस्टर लोया लगातार सीने मे दर्द और जलन की शिकायत कर रहे थे, उनके चेहरे से पसीना टपक रहा था'

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