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जज ने ऋचा भारती को दिया कुरान बांटने का आदेश, इस्लामिक विद्वानों ने कहा: 'सजा गंगा-जमुना तहजीब की बेहतरीन मिसाल'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


रांची की एक स्थानीय अदालत ने अनूठा आदेश सुनाते हुए धार्मिक भावनाएं आहत करने के एक मामले में आरोपी 19 वर्षीय एक छात्रा की जमानत इस शर्त पर मंजूर की कि वह पवित्र कुरान शरीफ की प्रतियां बांटे।

न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) मनीष कुमार सिंह ने सोमवार को छात्रा की जमानत मंजूर करते हुए शर्त रखी कि उसे कुरान शरीफ की प्रतियां बांटनी होंगी।

इस मुद्दे पर बात करते हुए इस्लामिक विद्वान हाज़िक़ खान ने कहा 'इस तरह की सजा गंगा-जमुना तहजीब की बेहतरीन मिसाल है। इसपर VHP के प्रवक्ता ने कहा कि अगर लड़की से गीता बटवाई जाती तो समन्वय की बात होती। और आप यहां सौहार्द की बाते करते हैं लेकिन कश्मीर से सारे हिंदुओं को बाहर निकाल देते है।

जानकारी के अनुसार छात्रा को धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।

बी.कॉम की छात्रा ऋचा भारती को अंजुमन समिति की प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। दरअसल एक लड़के ने ऋचा पर धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया था जिसके बाद समिति ने पिठोरिया पुलिस थाने में इस संबंध में शिकायत की थी।

छात्रा के वकील राम प्रवेश सिंह ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि पुलिस की मौजूदगी में अंजुमन समिति को पवित्र कुरान की प्रतियां भेंट करने के बाद उसे विभिन्न पुस्तकालयों को पवित्र कुरान की प्रतियां बांटनी होंगी।

उन्होंने बताया कि उसे इसकी रसीद एक पखवाड़े के भीतर अदालत में जमा करानी होगी।

उधर, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आशुतोष शेखर ने बताया कि पुलिस अदालत से इस बात की पुष्टि कर रही है कि उसने वास्तव में क्या आदेश दिया है। 

ऋचा के वकील ने कहा, ‘‘हमने न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) की अदालत के सामने जमानत याचिका दायर की थी। हमें इस शर्त पर जमानत मिली कि उसे (ऋचा को) पिठोरिया में अंजुमन समिति को कुरान शरीफ की पांच प्रतियां और शहर के विभिन्न पुस्तकालयों को इसकी चार प्रतियां भेंट करनी होंगी और 15 दिनों में इसकी रसीद अदालत में जमा करानी होगी।’’ 

वकील ने कहा कि उन्होंने जमानत याचिका में अनुरोध किया था कि ऋचा अभी युवा है, इसलिए उसे कोई ऐसी सजा नहीं दी जाए जिससे उसका करियर प्रभावित हो। 

रांची शहर के बाहर पिठोरिया पुलिस थाने के तहत सरकार मोहल्ला में रहने वाले ऋचा के पिता प्रकाश और मां नीलम देवी ने कहा, ‘‘अपनी बेटी के वापस आने पर हमें राहत मिली है।’’ 

( इनपुट- भाषा से )
 

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