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सेना के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, लश्कर के दो आतंकी पकड़े, वीडियो में दहशतगर्दों ने कबूला गुनाह

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पाकिस्तान पर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की मंशा से घुसपैठिये भेजने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए सेना ने बुधवार को कहा कि उसने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो पाकिस्तानी नागरिकों को पकड़ा है जो भारत की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

सेना की 15 वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल के. जे. एस. ढिल्लन ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुनीर खान की मौजूदगी में छावनी इलाके में संवाददाताओं से बातचीत की और प्रेस ब्रीफिंग में दो वीडियो भी चलाये जिनमें पकड़े गये पाकिस्तानियों को घुसपैठ की बात कबूलते हुए देखा जा सकता है।

ढिल्लन ने कहा, ‘‘ये दो वीडियो साफ दिखाते हैं कि किस तरह पाकिस्तान, उसकी सेना और पाकिस्तान के नागरिकों को घाटी में खासकर पांच अगस्त के बाद शांति बाधित करने के लिए आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिहाज से कश्मीर में भेजा जा रहा है।’’ 


लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दोनों पाकिस्तानी नागरिकों को 21 अगस्त को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास गुलमर्ग क्षेत्र में सेना ने पकड़ा था। इससे पहले एक खुफिया सूचना आई थी जिसमें कहा गया था कि सात आतंकवादी क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे हैं।

वीडियो क्लिप में पकड़े गये पाकिस्तानी नागरिकों ने खुद की पहचान मोहम्मद खलील और मोहम्मद नाजिम के तौर पर की है जो पाकिस्तान के रावलपिंडी इलाके के रहने वाले हैं।

मोहम्मद नाजिम को चाय पीते हुए यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘पाकिस्तान की सेना ने हमें जम्मू कश्मीर में घुसने में बहुत मदद की और हमारा काम भारतीय सेना की इकाइयों पर निशाना साधना था।’’ 

दोनों ने कबूल किया कि उन्हें लश्कर और पाक सेना के जवान प्रशिक्षित कर रहे थे। उन्होंने अपने कई साथियों के भी नाम बताए।

लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने कहा कि पाकिस्तान घाटी में शांति भंग करने के लिए आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए उतावला हो रहा है।

ढिल्लन ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सभी लांच पैडों पर कई आतंकी संगठनों के आतंकवादी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इन दोनों गिरफ्तार किये गये आतंकियों को सेना की पाकिस्तानी अग्रिम चौकियों पर रखा गया था और उन्हें पाकिस्तान के सैनिकों ने एलओसी की ओर भेजा।’’ 

लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने कहा कि पकड़े गये आतंकवादियों ने अपने बयानों में खुलासा किया है कि एलओसी पर, न केवल कश्मीर के पास बल्कि पुंछ, राजौरी और जम्मू के पास भी सभी लांच पैडों पर विभिन्न संगठनों के आतंकी बड़ी संख्या में हैं और हर दिन घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आपको पता है कि कुछ को तो एलओसी पर ढेर कर दिया गया। एक घटना में तो 5 से 7 पाकिस्तानी आतंकी कई दिन तक एलओसी पर मृत पड़े रहे। डीजीएमओ पाकिस्तान को हॉटलाइन से संदेश भेजकर पाकिस्तानी नागरिकों के शव उठाने को कहा गया जिससे उन्होंने इनकार कर दिया और यह कोई नयी बात नहीं है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘करगिल में उन्होंने अपने जवानों के शव वापस लेने से इनकार कर दिया था। इस घटना में भी उन्होंने अपने नागरिकों के शव लेने से मना कर दिया और अब हमने आतंकवादियों को जिंदा पकड़ रखा है जो पाकिस्तान के नागरिक हैं।’’ 

ढिल्लन के मुताबिक भारतीय सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) ने पाकिस्तान के डीजीएमओ को इन पकड़े गये लोगों के बारे में पहले ही बता दिया है।

उन्होंने कहा कि इनके पास से युद्ध सरीखा हथियारों का जखीरा और कुछ आईईडी पदार्थ जब्त किये गये हैं। 

ढिल्लन ने कहा कि आतंकवाद रोधी अभियान जारी है और इसमें कोई कमी नहीं आई है।

ढिल्लन के अनुसार, ‘‘जैसा कि आपको पता है कि पिछले 30 दिन में आतंकवादियों को मार गिराया गया है या पकड़ा गया है। इसलिए आतंकवाद रोधी अभियानों में कोई कमी नहीं आई है।’’ 

उन्होंने कहा कि पाक सेना दिन-रात कश्मीर में आतंकियों को घुसाने की फिराक में रहती है, लेकिन इन प्रयासों से कड़ाई से निपटा जा रहा है।

लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने कहा, ‘‘डीजीएमओ ने पाकिस्तान के डीजीएमओ को सूचित कर दिया है कि हमारी गिरफ्त में पाकिस्तान के दो नागरिक हैं।’’ 

मुनीर खान ने कहा कि एलओसी पर घुसपैठ से सेना कड़ाई से निपट रही है, वहीं सुरक्षा बल इस क्षेत्र में शांति सुनिश्चित कर रहे हैं।

खान ने कहा, ‘‘हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानून व्यवस्था की किसी समस्या के दौरान कोई नागरिक हताहत नहीं हो। अच्छी बात है कि अब तक हमारी कार्रवाई में कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है।’’

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