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Chandrayaan-2 Launch LIVE: चांद की ओर उड़ चला 'चंद्रयान-2', अब हिंदुस्तान की मुट्ठी में होगा चांद !

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

भारतीय अंतिरक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इतिहास रचते हुए चंद्रयान-2 को लॉन्च कर दिया है। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 2:43 मिनट पर चंद्रयान-2 को लॉन्च किया गया । 

चंद्रयान-2 भारत का दूसरा चंद्रमा मिशन है जिसमे इस मिशन में भारत पहली बार चंद्रमा की उत्तरी सतह पर 'लुनर रोवर' उतारेगा। लुनर रोवर को कानपुर आईआईटी ने दो साल की कड़ी मेहनत के साथ बनाया है।

LIVE UPDATE :

 

2.44 PM - अंतरिक्ष में भारत की बड़ी उड़ान, श्रीहरिकोटा से 2 बजकर 43 मिनट पर चंद्रयान- 2 हुआ लॉन्च, अगले कुछ मिनट काफी अहम

 

02.40 PM- चांद को छूने को तैयार भारत, श्रीहरिकोटा से मिशन चंद्रयान- 2 हुआ लॉन्च

02.30 PM - अब से थोड़ी देर में मिशन चंद्रयान- 2 की लॉन्चिंग, ईंधन भरने का काम हुआ पूरा

01.00 PM-  चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग में सिर्फ एक घंटे का समय बाकी है। लिक्विड ऑक्सीजन की फिलिंग हो चुकी है और अब लिक्विड हाईड्रोजन की फिलिंग हो रही है।

12.30 PM- 15 जुलाई को हीलियम लीकेज के कारण टली थी लॉन्चिंग

 10.57 AM-  चंद्रयान-2 की लांचिंग की उल्टी गिनती शुरू,  क्रायोजेनिक चरण में द्रव ऑक्सीजन के फिलिंग का खत्म, द्रव हाइड्रोजन के फिलिंग की शुरुआत।

दरअसल, IIT कानपुर द्वारा निर्मित 'लुनर रोवर' यानी मानवरहित चंद्रयान को चंद्रमा पर भेजा जाएगा, जो चंद्रमा की सतह के कई रहस्यों से पर्दा उठाएगा । यह पहली बार है कि मानवरहित चंद्रयान भारत की ओर से चंद्रमा की उत्तरी सतह पर लैंड करेगा, जो पूरी दुनिया के लिए अभी अछूता है | इस मॉडल में तीन अहम मॉड्यूल हैं. ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर। आईआईटी कानपुर ने इसके मोशन प्लैनिंग सिस्टम पर काम किया है। चंद्रयान-2 मिशन के तहत यह चंद्रयान चांद पर उतरते ही मोशन प्लैनिंग का काम शुरू कर देगा। इसके अलावा यान के संचालन में ज्यादा खर्च न हो इसके लिए भी आईआईटी ने इसपर खासा काम किया है।
 

'लूनर रोवर' की खासियत 

  • IIT कानपुर द्वारा निर्मित 'लुनर रोवर' यानी मानवरहित चंद्रयान को चंद्रमा पर भेजा जाएगा।
  • यह चंद्रयान चंद्रमा से 3D इमेज इसरो को भेजेगा।
  • यह पहला मौका है, जब चंद्रमा के उत्तरी हिस्से में किसी देश द्वारा कोई चंद्रयान उतारा जा रहा है।
  • इसको लेकर पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हुई हैं।
  • IIT कानपुर द्वारा निर्मित 'लुनर रोवर' को दो साल की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया जा सका है।
  • इसको तैयार करने में लगभग 50 लाख रुपये की लागत आई है।
  • इस चंद्रयान की मुख्य खासियत यह है कि यह मोशन प्लैनिंग है।
  • मोशन प्लैनिंग से तात्पर्य यह है कि यह चंद्रयान चंद्रमा की सतह पर कैसे, कब और कहा जाएगा।
  • 'लुनर रोवर' में कम एनर्जी खर्च होने वाला सिस्टम डेवेलप किया गया है।

चंद्रयान-2 का मकसद  

- चंद्रमा की सतह से जुड़ी जानकारियां 
- पानी के प्रसार और मात्रा का अध्ययन 
- चंद्रमा के मौसम का अध्ययन करेगा 
- खनिजों, रासायनिक तत्‍वों का पता लगाएगा  
- चंद्रमा के बाहरी वातावरण का अध्ययन 


किसका क्या काम ?  

1. ऑर्बिटर -
चांद की सतह का निरीक्षण 
खनिजों का पता लगाना 


2. लैंडर 
चंद्रमा की झीलों को मापेगा 
लूनर क्रस्ट में खुदाई करेगा 

3. रोवर
चंद्रमा की सतह पर तस्वीरें लेगा 
चांद की मिट्टी का रासायनिक विश्लेषण 

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