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अंतरिक्ष का चौथा सुपरपावर बना भारत, अब तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही हासिल की है ये उपलब्धि

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

आज देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। खासतौर से वैज्ञानिकों के लिए, जिन्होंने आज वो क्षमता प्राप्त की जो अभी तक विश्व में केवल 3 देशों के पास थी। भारत ने अतंरिक्ष में अपना डंका बजाया है। 

वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर लो अर्थ ऑर्बिट में एक लाइट सैटलाइट को मार गिराया है। यह पूर्व निर्धारित लक्ष्य था। उसे एंटी सैटलाइट मिसाइल से गिराया गया। 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अंतरिक्ष में लगातार एक के बाद एक झंडे गाड़ता जा रहा है। जिससे भारत विज्ञान जगत में नया उड़ान भरने का काम कर रहा है। इसी क्रम में भारत ने आज अतंरिक्ष में भी अपना डंका बजाया दिया।

बता दें, केवल तीन मिनट में सफलता के साथ यह मिशन पूरा हुआ। अब तक दुनिया के 3 देश अमेरिका, रूस और चीन को अंतरिक्ष में यह उपलब्धि हासिल थी। भारत अब चौथा देश बन गया है। 

भारत की इस कामयाबी के बाद अब देश के दुश्मनों होशियार हो जाएंगे। पाक के हमदर्द चीन के लिए भी अब मुश्किलें बढ़ने वाली है। डोकलाम में हमारे जांबाजों ने चीन की छक्के छुड़ा दिये। अब बारी स्पेस की है, भारत के पास अब वो ताकत है जिससे स्पेस में भी चीन थरथर कापेगा।

भारत इस कामयाबी को पाने वाला चौथा देश हैं। इससे पहले अमेरिका ने पहली बार 1958 में ए सेट का परीक्षण किया था। इसके बाद 1961 में रूस ने, 2007 में चीन ने ये सफलता हासिल की थी।

भारत अपने रैंकों में ऐसा उपग्रह रखने वाला केवल चौथा देश बन गया है। भारत से पहले, केवल चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस में किसी भी प्रकार के अंतरिक्ष खतरे से निपटने की क्षमता थी।

भारत ने अंतरिक्ष में एंटी मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराते हुए आज अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा दिया। 

भारत की इस उपलब्धि के बाद से ही देशभर से प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष इस मसले पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है। राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और मायावती इस मसले को सियासी तराजू से तौल रहे हैं। हालांकि सरकार इसे एक बड़ी कामयाबी के तौर पर गिना रही हैं। 

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