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असहिष्णुता और हिंसा की घटनाओं से राजनीतिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है: मनमोहन सिंह

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि देश में असहिष्णुता और भीड़ द्वारा हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलन से देश की राजनीतिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर उन्हें याद करते हुए कहा कि धार्मिक सौहार्द, देश की एकता एवं अखंडता के संदर्भ में राजीव के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है।

उन्होंने राजीव गांधी की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश में शांति, राष्ट्रीय एकीकरण और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने में राजीव गांधी के उल्लेखनीय योगदान का स्मरण करने का वक्त है । आज का समारोह इसी उदेश्य के लिए आयोजित हुआ है। 

उन्होंने कहा कि दो संदर्भों में यह बेहद खास मौका भी है। पहला यह कि हम राजीव जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और दूसरा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारा देश कुछ चिंताजनक चलन का सामना कर रहा है। यह बढ़ती असिहष्णुता, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, कुछ समूहों द्वारा पैदा की गई घृणा तथा भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने से जुड़ी हिंसा की बढ़ती घटनाएं हैं।

इससे हमारी राजनीतिक व्यवस्था को नुकसान हो सकता है।’’ देश की एकता और अखंडता तथा धार्मिक सौहार्द से जुड़े पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के एक कथन का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘हमें राजीव गांधी द्वारा दिखाए रास्ते पर चलना है।’’ 

राहुल और प्रियंका ने पिता से मिली शिक्षा को याद किया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री एवं अपने पिता राजीव गांधी की 75वीं जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनसे मिली शिक्षा को याद किया।
राहुल गांधी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि राजीव गांधी की दूरदर्शी नीतियों से भारत के निर्माण में मदद मिली। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'आज हम राजीव गांधी जी की 75वीं जयंती मना रहे हैं। राजीव एक देशभक्त और दूरदर्शी व्यक्ति थे तथा जिनकी दूरदर्शी नीतियों ने भारत के निर्माण में मदद की।'

राहुल ने कहा, 'मेरे लिए वह एक बहुत प्यार करने वाले पिता थे जिन्होंने मुझे सिखाया कि कभी किसी से नफरत मत करो, माफ करो और सभी इंसानों से प्यार करो।'  प्रियंका ने कहा, 'अपने पिता से मैंने सीखा कि लोगों की बातों को कैसे सुना जाए और उनके लिए अपने दिल में जगह बनाई जाए, चाहे वो हमसे कितने भी विपरीत हों।' 

राजीव गांधी की 75वीं जयंती के मौके पर कांग्रेस पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है जिनमें बतौर प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान और उपलब्धियों का उल्लेख किया जाएगा।

अक्टूबर, 1984 से दिसंबर 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को हुआ था। जब राजीव प्रधानमंत्री बने थे तब उनकी उम्र केवल 40 साल थी। वह देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे। 

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