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रवींद्रनाथ टैगोर के 'विचार' को खलील जिब्रान का बताकर बुरे फंसे PAK पीएम, ट्रोलर्स ने जमकर लगाई क्लास

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर सोशल मीडिया पर फजीहत का शिकार हो गए, जब उन्होंने भारत के महान कवि रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखे एक विचार को खलील जिब्रान का बताकर पोस्ट कर दिया। जिसके बाद वो सोशल मीडिया पर हंसी के पत्र बन गए।

दरअसल बुधवार को इमरान खान ने अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल से एक तस्वीर को ट्वीट किया जिसमें रविंद्रनाथ टैगोर के सुविचार 'मैं सो गया और सपना देखा कि जीवन आनंदमय था। मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है। मैंने सेवा की और पाया कि सेवा ही खुशी थी' को लिखा था।' को खलील जिब्रान का बताकर पोस्ट कर दिया। इसके साथ पाकिस्तान पीेएम ने एक कैप्शन भी दिया, जिसमें लिखा कि जो लोग जिब्रान के शब्दों को समझते हैं और समझ पाते हैं, वे संतोष का जीवन जीते हैं । 

जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके ज्ञान को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और खूब ट्रोल भी किया जा रहा है। हालांकि अभी तक इमरान खान ने अपने ट्वीट को डिलीट नहीं किया है।

इमरान खान के ट्वीट के बाद ट्विटर पर यूजर्स ने उन्हें उनकी गलती का एहसास करते हुए ट्रोल करना शुरू कर दिया। 

लेकिन लगता है कि पाकिस्तानी पीएम को अभी तक यह अहसास नहीं हो पाया है कि उनके ट्वीट में बहुत बड़ी तथ्यात्मक गलती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कितनी जल्दी उन्हें अपनी इस बड़ी भूल का अहसास होता है।  

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