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शाहीन बाग में जाने को लेकर बाबा रामदेव ने कहा- 'हिंदुस्तान को कोई मजहबी राष्ट्र नहीं बना सकता'

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

योगगुरु बाबा रामदेव ने रिपब्लिक भारत से शाहीन बाग में प्रदर्शन के लिए जाने को लेकर खास बात की। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा 'मैं फकीर हूं न  पक्ष में हूँ न विपक्ष में, इसलिए मैं शाहीन बाग मुस्लिम भाई बहनों का भर्म दूर करने जाउंगा। उन्हें वहां बहकाया जा रहा है। उन बहनों से बात करने जाउंगा जो अपने बच्चों को गोद में लेकर वहां बैठी है कि उनकी नागरिकता कोई छीन न ले, उन बहनों के मन से वह डर दूर करने जाउंगा। बाबा रामदेव ने कहा कि सड़क के ऊपर धरना प्रदर्शन ठीक नहीं है। जितना इस देश में हिन्दू को रहने का अधिकार है उतना ही मुस्लिमों को भी रहने का अधिकार है। 


स्वामी बाबा रामदेव ने कहा शाहीन बाग जाने को लेकर मैंने लेटर भी लिखा, जिसमें मैंने प्रोटोकॉल के तहत उत्तराखंड और दिल्ली के आला अधिकारियों शाहीन बाग जाने की सूचना दी है।  बाबा ने कहा इस लेटर के बाद मुझे दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक का फोन आया कि 'स्वामी जी वहां पर हालात ऐसी नहीं है कि आप वहां पर आएं'। तो मैंने कहा वहां आकर लोगों के साथ प्यार मोहब्बत से बात करना चाहता हूं कि CAA से किसी की नागरिकता जाने वाली नहीं है और आप चाहें तो मैं सारी बातें देश के होम मिनिस्ट के सामने भी रखा सकता हूं। मेरे मन में कोई पाप और एजेंडा नहीं है। इसके बावजूद मुझे दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग जाने की इज्जात नहीं दी है।


एक सवाल के जवाब मे बाबा रामदेव ने कहा ' विरोध प्रदर्शन आजादी संविधान और न्याय पर आधारित होनी चाहिए। पिछल कई दिनों से लग रहा है कि हिन्दुस्तान में सभी प्रदर्शन करने में लगे हुए हैं। मैं आंदोलनों का पक्ष लेने वाला व्यक्ति हूं। आंदोलन करना लोगों का अधिकार है।''  उन्होने कहा ऐसे आंदोलने से विदेश में देश की बदनामी होती है । इससे देश विरोधी ताकतें और मजबुत होती है। शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन पर बाबा ने कहा कि सड़क के उपर धरना प्रदर्शन करना ठीक नहीं है।  

बाबा ने कहा  सब लोगों को इस देश कि आर्थिक प्रगति को लेकर देश हित में सोचना चाहिए । इससे अर्थव्यवस्था में देश को मदद मिलेगी। आज जितनी हम अर्थव्यवस्था में बैठे हैं उससे 5 गुनी ज्यादा हो सकती है मात्र 10 सालों में। देश में बिजनेस की रिस्पेक्ट होनी चाहिए। 


 

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