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VIDEO: कश्मीर पर अफरीदी के बयान पर राजनाथ सिंह ने ली चुटकी, बोले- बात तो ठीक कही है उन्होंने..

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

कश्मीर पर बयान देकर पाकिस्तान की भारी फजीहत करने वाले पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के बयान पर अब गृह मंत्री राजनाथ सिंह का प्रतिक्रिया आई है. 

राजनाथ सिंह ने गुरूवार को मीडिया से बात करते कश्मीर पर शहीद अफरीदी के बयान को सही ठहराया जिसमें अफरीदी ने कहा था कि  ''पाकिस्तान कश्मीर नहीं चाहता है, पाकिस्तान में चार प्रांतों को संभाल पाने का ही बूता नहीं है'' 

राजनाथ ने कहा कि “बात तो ठीक कही उन्होंने. वो पाकिस्तान नहीं संभाल पा रहे, कश्मीर क्या संभाल पाएंगे. कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और आगे भी रहेगा.”

बता दें, ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स (ब्रिटिश संसद) में बोलते हुए क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने कश्मीर के मुद्दे पर अपने ही देश के नीतियों के खिलाफ बोल दिया था. अफरीदी ने कश्मीर पर बोलते हुए कहा था, ''पाकिस्तान कश्मीर नहीं चाहता है, पाकिस्तान में चार प्रांतों को संभाल पाने का ही बूता नहीं है'' 

साथ ही अफरीदी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा था, 'मैं कहता हूं कि पाकिस्तान कश्मीर नहीं चाहता है, चलो इसे भारत को न दें. कश्मीर को अलग ही रहने दो, तो कम से कम मानवता तो रहेगी.' उन्होंने कहा कि कश्मीर को आजाद कर देना चाहिए.

काफी आलोचनाओं के बाद अब अफरीदी ने अपने इस बयान पर सफाई दी है और ट्वीट करके ये बोला है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.

बता दें, अफरीदी के बयान के बाद जमकर आलोचना हुई थी. ब्रिटिश संसद में अफरीदी का ये संबोधन सीधे तौर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के नीतियों पर गहरे चोट का काम कर रहा था. अफरीदी ने बातों-बातों में ये दावा भी कर दिया कि उनका देश पाकिस्तान अपने ही चार प्रांतों को नहीं संभाल सकता तो कश्मीर को कैसे संभालेगा.

अपने इस बयान के दौरान अफरीदी ने मानवता का भी उदाहरण दिया था. उन्होंने बोला था कि मानवता एक बड़ी बात है और ये देखकर बेहद दर्द होता है कि लोग मर रहे हैं.

हालांकि अब अफरीदी अपने इस बायान पर सफाई दे रहे हैं. अफरीदी ने ट्वीट में लिखा है, 'भारतीय मीडिया द्वारा मेरी टिप्पणियों को गलत समझा जा रहा है. मैं अपने देश के बारे में भावुक हूं और कश्मीरियों के संघर्षों को बहुत महत्व देता हूं. मानवता को जीतना चाहिए और उन्हें उनका अधिकार मिलना चाहिए'

 

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