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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान के पार्थिव शरीर को दिया कंधा

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवान शहीद हो चुके हैं। देश के हर हिस्से में गुस्सा है। सरकार भी एक्शन में नजर आ रही है।  

वहीं श्रीनगर पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू - कश्मीर के राज्याल सत्यपाल मलिक और सेना के नॉर्दर्न कमांड चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआपईएफ जवानों को श्रद्धांजलि दी । उसके बाद खुद राजनाथ सिंह ने शहिदों को कंधा दिया। इस दौरान बड़गाम में सीआरपीएफ के कैम्प में जवानों ने 'वीर जवान अमर रहे' के नारे लगे । 

बता दें जवानों के पार्थिव शरिर को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट हवाई अड्डा में लाया जाएगा । जहां  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण मौजूद रहेंगे।  

इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'लोगों का खून खौल रहा है और यह मैं समझ रहा हूं. हमारे सुरक्षा बलों को पूर्ण स्वतंत्रता दे दी गई है.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा में मारे गए आतंकियों के प्रति शोक व्‍यक्‍त किया. उन्‍होंने कहा कि आज देश का खून खौल रहा है. इसके लिए दोषियों को बड़ी कीमत चुकानी होगी.'

वहीं स्वर कोकिला लता मंगेश्कर ने भी घटना को लेकर दुख जताया है । लता मंगेश्कर ने ट्वीट कर कहा कि , ' जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की मैं कड़ी निंदा करती हूँ. इस हमले में जो हमारे वीर जवान शहीद हुए है उनको मैं श्रद्धांजली अर्पित करती हूँ. इन सभी वीरों के परिवारों के दुःख में मैं शामिल हूँ. '

बता दें यह आंतकवादी घटना अवंतितोरा इलाके में हुई । घटना में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज 10-12 किलोमीटर दूर, यहां तक कि पुलवामा से जुड़े श्रीनगर के कुछ इलाकों तक भी सुनाई दी।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटना में शहीद हुए जवानों के क्षत विक्षत शव जम्मू कश्मीर राजमार्ग में बिखर गए। कुछ शवों की हालत तो इतनी खराब है कि उनकी शिनाख्त में काफी वक्त भी लग गया।

विस्फोट की आवाज सुनाई देते ही लोग यहां वहां भागने लगे थे। घटनास्थल से 300 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित लेथपुर बाजार के दुकानवाले अपनी अपनी दुकानों के शटर गिरा कर भाग गए थे।

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