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मोदी अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं, लेकिन वह इसमें बातचीत नहीं करना चाहते: ट्रंप

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं लेकिन वह इस भाषा में बातचीत नहीं करना चाहते। ट्रंप ने यह बात फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं के बीच औपचारिक बातचीत से पहले मजाकिया अंदाज में कही। 

दोनों नेताओं के बीच फ्रांस के शहर बिआरित्ज में 40 मिनट तक चर्चा हुई। दुनिया में औद्योगिक रूप से सबसे विकसित राष्ट्रों की बैठक की मेजबानी यही शहर कर रहा है।

ट्रंप और मोदी ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे से हाथ मिलाया और मीडिया से मुखातिब हुए। मोदी ने पत्रकारों के सवालों का हिंदी में जवाब दिया।

इस दौरान जब मोदी ने पत्रकारों से कहा कि वह नेताओं को अकेले में बात करने दें तो ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा, "वह (प्रधानमंत्री मोदी) वास्तव में बहुत अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं, लेकिन वह इसमें बात नहीं करना चाहते।" 

दोनों नेताओं ने एक दूसरे का हाथ भी पकड़ा तो कमरे में मौजूद हर कोई हंस पड़ा। 

मोदी ने ट्रंप को एक “दोस्त” बताया और कहा कि यह “मेरे लिये बेहद महत्वपूर्ण बैठक है।” 

ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ यहां होना बेहद अच्छा लग रहा है।” उन्होंने कहा कि रविवार को जी7 शिखर सम्मेलन रात्रिभोज के दौरान उन्हें मोदी से “भारत के बारे में काफी कुछ सीखा”। ट्रंप ने कहा, “मनोहर जगह। यह बेहद खूबसूरत जगह है।” 


वहीं पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वर्ता में कश्मीर मुद्दे लेकर दो टूक बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर हम किसी भी तीसरे देश के दखल के पक्ष में नहीं हैं। ट्रंप के साथ बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच के सभी मुद्दे दिपक्षीय हैं, किसी तीसरे देश को कष्ट देना नहीं चाहता। 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम द्विपक्षीय रूप से हर मुद्दे पर चर्चा कर उनका समाधान कर सकते हैं। गौरतलब है कि 22 जुलाई को व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को यह कहकर चौंका दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्मीर पर मध्यस्थता करने के लिए कहा था। हालांकि, भारत ने साफ कर दिया था कि ऐसा कोई प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को नहीं दिया और सभी मुद्दे पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय आधार पर सुलझाए जाएंगे। 

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