General News

मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का आंकड़ा 83 हुआ, निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

बिहार में एईएस या इंसेफेलौपैथी हर साल बच्चों पर कहर बनकर टूटता है। इस साल भी गर्मियों में एईएस के कारण उत्‍तर बिहार में 108 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें एक बच्‍ची की मौत तो रविवार को केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के निरीक्षण के दौरान ही हो गई। एईएस से सर्वाधिक मौत की बात करें तो एक दशक के दौरान साल 2012 में 120 मौत का रिकार्ड है। 

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से मौतों के कारण अब मुजफ्फरपुर से पटना-दिल्‍ली तक हाहाकर मच गया है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन आज बीमारी की स्थिति का जायजा लेने आज मुजफ्फरपुर पहुंचे हैं। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री और बिहार के बक्सर से सांसद अश्विनी चौबे भी साथ रहें। 

वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुमार ने मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतक के परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में चार-चार लाख रुपये देने का आदेश दिया।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी बीमारी से निपटने के लिए हरसंभव उपाय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संदिग्ध एक्यूट इन्सैफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीड़ित बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की।

मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि रविवार को सुबह नौ बजे तक, सरकार द्वारा संचालित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) और एक ट्रस्ट द्वारा संचालित केजरीवाल अस्पताल में 83 बच्चों की मौत हो चुकी है।

विज्ञप्ति के मुताबिक, संदेह है कि ये बच्चे एईएस से पीड़ित थे। एसकेएमसीएच में 69 बच्चों की जान गई जबकि 14 बच्चों की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई।

बहरहाल, अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर बच्चे हाइपोग्लाइसेमिया से पीड़ित थे। हाइपोग्लाइसेमिया में रक्त शर्करा का स्तर बहुत कम हो जाता है और साथ इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन भी होता है।

जान गंवाने वाले ज्यादातर बच्चों की उम्र दस साल से कम थी।

एक जून के बाद से एसकेएमसीएच अस्पताल में 197 बच्चों को भर्ती किया गया और केजरीवाल अस्पताल में 91 बच्चों को ले जाया गया। इन बच्चों को एईएस होने का संदेह था लेकिन ज्यादातर को हाइपोग्लाइसेमिया से पीड़ित पाया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन रविवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले हैं। वह केंद्र और राज्य सरकारों के डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

केंद्र की ओर से विशेषज्ञों के एक दल ने बुधवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हमारे लिये आस्था का मामला है ना कि राजनीति का ।

ठाकरे ने कहा कि चाहे शिवसेना हो या भाजपा, हम हिन्दुत्व को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

(इनपुट-भाषा से भी)

DO NOT MISS