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BJP सांसद सावित्री बाई फुले बोली- दलित और मनुवादियों के 'गुलाम' थे हनुमान...

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली यूपी के बहराइच की बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि हनुमान जी दलित और मनुवादियों के गुलाम थे.

बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फूले ने फोन पर बातचीत में कहा, ‘‘हनुमान दलित थे और मनुवादियों के गुलाम थे  . अगर लोग कहते है कि भगवान राम है और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमान जी ने किया था  . उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? उनको तो इंसान बनाना चाहिये था लेकिन इंसान ना बनाकर उन्हें बंदर बना दिया गया  . उनको पूंछ लगा दी गई, उनके मुंह पर कालिख पोत दी गयी  . चूंकि वह दलित थे इसलिये उस समय भी उनका अपमान किया गया  .’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हम तो यह देखते है कि अब देश तो ना भगवान के नाम पर चलेगा और नाहीं मंदिर के नाम पर  . अब देश चलेगा तो भारतीय संविधान के नाम पर  . हमारे देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है  . उसमें सभी धर्मो की सुरक्षा की गारंटी है  . सबको बराबर सम्मान व अधिकार है  . किसी को ठेस पहुंचाने का अधिकार भी किसी को नहीं है  . इसीलिये जो भी जिम्मेदार लोग बात करें भारत के संविधान के तहत करें, गैर जिम्मेदाराना बात करने से जनता को एक बार सोचने पर मजबूर करता है  .' 

यह भी पढ़ें - हनुमान को दलित बताने पर हार्दिक पटेल का पलटवार - ख़ुद को हिन्दू का रखवाला कहने वाले योगी तो ढोंगी निकले

गौरतलब है कि पिछले दिनों एक चुनावी रैली के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को दलित, वनवासी, गिरवासी और वंचित करार दिया था . बीजेपी के स्टार प्रचारक योगी ने कहा था कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं, गिर वासी हैं, दलित हैं और वंचित हैं.

योगी ने अलवर जिले में कांग्रेस पर लगातार हमला बोला और जातिगत वोट बैंक को साधने की कोशिश की थी. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए देवी-देवताओं और हिंदुत्व के एजेंडे को भी लोगों के बीच रखा. 

(इनपुट- भाषा से भी)

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