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"EU सांसदों के दल को कश्मीर दौर पर सरकार लेकर नहीं गई, सिर्फ हमने यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई": जितेंद्र सिंह

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

जम्मू-कश्मीर को आधिकारिक तौर पर दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के एक दिन बाद, प्रधान मंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदेश में यूरोपीय एमईपी के दौरे पर उठे विवाद रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एग्जक्यूटिव एडिटर अभिषेक कपूर और पॉलिटिकल एडिटर ऐश्वर्य कपूर ने केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह से खास बातचीत की है।

बता दें,  28 अक्टूबर को यूरोपीय संसद के 27 सदस्यीय कश्मीर प्रतिनिधि मंडल ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। केंद्र द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और इसका दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन के बाद से कश्मीर में विदेशी प्रतिनिधियों का यह पहला उच्च स्तरीय दौरा था।

जिसके बाद कांग्रेस सहित कुछ प्रमुख विपक्षी दलों और यहां तक कि भाजपा की सहयोगी शिवसेना तथा जदयू ने भी ईयू संसद सदस्यों के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की थी।

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उन्होंने कहा कि "यह देखें कि ​​ जम्मू कश्मीर के दौर पर यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि मंडल को सरकार ​​​​​​लेकर नहीं गई थी, हमनें सिर्फ सुविधा दी थी, इसी तरह यदि अन्य लोग भी जाते हैं, तो कोई भी उन्हें नहीं रोका जाएगा। मैं आपको बताऊंगा कि सच्चाई क्या है कि वो वहां जाना चाहते हैं और मौके के फायदा उठाना चाहते हैं, लेकिन इसकी अनुमति नहीं होगी।

पीएमओ में राज्य मंत्री ने आगे कहा कि किसी ने मुझसे पूछा कि 144 का अंत कब होगा? मैंने कहा कि आपको इससे क्या लेना देना? वहां 144 धारा नहीं लगी होगी तबभी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के रहते हुए अगर कोई राष्ट्र विरोधी भावनाओं की बात करता है या अगर कोई लोगों को उकसाता है, तो ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।​

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बता दें, जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो केन्द्र शासित क्षेत्र बनाए जाने के बाद अविभाजित जम्मू कश्मीर में लगा राष्ट्रपति शासन बृहस्पतिवार को हटा दिया गया है। हालांकि केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में उप राज्यपाल के माध्यम से केंद्र का शासन अनिश्चितकाल तक लागू रहेगा।

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