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हर आदिवासी एवं जनजाति के बच्चे पर सरकार प्रति वर्ष 1 लाख रुपये खर्च करेगी- PM मोदी

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को यहां से देश भर में 462 एकलव्य विद्यालयों के निर्माण की योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार प्रत्येक आदिवासी एवं जनजाति के बच्चे पर प्रति वर्ष एक लाख रुपये खर्च करेगी जिससे उनका सर्वांगीण विकास कर उन्हें देश के विकास में लगाया जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड समेत पूरे देश के आदिवासी, जनजाति समुदाय के बच्चों के कौशल एवं शिक्षा को निखारने के लिए 462 एकलव्य विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। इससे जनजातीय समुदाय के बच्चों को बड़ा लाभ होने वाला है। सरकार इन समुदायों के बच्चों के कौशल विकास एवं शिक्षा पर सालाना एक लाख रुपए से अधिक खर्च करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इन विद्यालयों से निकलने वाले बच्चे नए भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। झारखंड में शुरू हो रहे 69 एकलव्य विद्यालय योजना की कड़ी से जुड़ चुके हैं। अब यहां के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास के दायरे में लाया जाएगा।’’

ये 69 विद्यालय झारखंड के 13 जिलों में खोले जा रहे हैं। इससे पूर्व जनजातीय मामलों के केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को शहरों की तरह ही गांव में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इसी लिए एकलव्य विद्यालय खोले जा रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों का विकास सरकार की विशेष प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये 462 एकलव्य विद्यालय वर्ष 2022 तक बनकर तैयार हो जायेंगे।

पीएम मोदी ने गुरुवार को देश के किसानों और छोटे व्यवसाइयों के लिए पेंशन योजनाओं का शुभारंभ करने के बाद कहा कि उनके नेतृत्व में केन्द्र में नयी सरकार के गठन के साथ ही देश के छह करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ा गया, जिस पर 21 हजार करोड़ रुपये की राशि व्यय की गयी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि कार्य में आर्थिक सहायता पहुंचाने के दृष्टिकोण के साथ उन्हें 21 हजार करोड़ रुपये बांटे गये।

मोदी ने कहा, ‘‘योजना से राज्य के 8 लाख किसान अबतक लाभ ले चुके हैं। इस योजना से 2 हजार 50 करोड़ रुपये सिर्फ झारखंड राज्य के किसानों को मिला है। ये रुपये सीधे उनके खाते में भेज दिए गए। इसमें कोई बिचैलिया नहीं, कोई सिफारिश की जरूरत नहीं। सभी पर समान दृष्टिकोण से कार्य हुआ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र व राज्य सरकार गरीब जनजातीय समाज के जीवन को आसान बनाने और उनकी चिंता को कम करने का कार्य कर रही है। देश के गरीब बच्चों की सुरक्षा के लिए मिशन इंद्रधनुष लागू किया गया। 30 करोड़ गरीब लोगों का जन धन योजना के माध्यम से बैंक में खाता खुला।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो करोड़ से ज्यादा मकान बनाये जा चुके हैं। दो करोड़ और मकानों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब शौचालय की पूरे देश में कमी थी। वर्तमान सरकार ने 10 करोड़ शौचालय बनाकर गरीबों को सौंपा है। देश की महिलाएं रसोई के धुएं की घुटन से त्रस्त थीं। उनके बीच 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन देकर उनकी सेहत की रक्षा की गई है।’’


 

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