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गंभीर ने दिल्ली सरकार को एमपीएलएडी कोष से 50 लाख रुपये देने की पेशकश की

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

पूर्वी दिल्ली के सांसद भाजपा नेता गौतम गंभीर ने सोमवार को संसद-सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडी) कोष से दिल्ली सरकार को कोविड-19 से लड़ने में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जरूरी उपकरण खरदीने में मदद के लिए 50 लाख रुपये देने की पेशकश की।

वह दो सप्ताह पहले भी इस लड़ाई में मदद के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश कर चुके हैं। गंभीर के एक सहयोगी ने बताया कि क्रिकेटर से नेता बने सांसद के इस प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

गंभीर ने केजरीवाल को सोमवार को लिखे गए एक पत्र में कहा, ‘‘ उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में बढ़ती चिकित्सीय उपकरणों की मांगों को पूरा करने के लिए धन की जरूरत है। दो सप्ताह पहले मैंने 50 लाख रुपये देने की बात कही थी, मैं आगे भी आपके कार्यालय को अपने एमपीएलएडी कोष से 50 लाख रुपये देने की इस उम्मीद में पेशकश करता हूं कि इस धन का इस्तेमाल चिकित्साकर्मियों के लिए उपकरण खरदीने और कोविड-19 के इलाज में हेागा। ‘’

गंभीर ने इससे पहले आप सरकार पर इस मुद्दे पर ‘घड़ियाली आंसू बहाने’ और विक्टिम कार्ड (पीड़ित दिखने) खेलने का आरोप लगाया था और पीपीई किट और मास्क खरीदने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की थी लेकिन इस पर कोई जवाब दिल्ली सरकार की ओर से नहीं आया था।

गंभीर ने ट्वीट किया, ‘‘ सुबह से लेकर शाम तक टेलिविजन पर चलने वाले विज्ञापन पर जो धन खर्च किया गया, उसका इस्तेमाल अगर पीपीई किट खरीदने में होता तो लोगों को फायदा होता। मैंने पीपीई किट और मास्क खरीदने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की थी लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं। अब वे केंद्र को कह रहे हैं। घड़ियाली आंसू बहाना और विक्टिम कार्ड खेलना अरविंद केजरीवाल के दो मुख्य हथियार हैं।’’

केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने पीपीई किट की मांग केंद्र से की थी लेकिन वह अभी तक मिला नहीं।

सिसोदिया ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में केंद्र सरकार से शनिवार को दिल्ली के लिए आपदा कोष की मांग यह कहते हुए की थी कि देश में दिल्ली इससे तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने आपदा कोष से राज्यों के लिए 17000 करोड़ रुपये जारी किए हैं लेकिन एक भी रुपया दिल्ली को नहीं मिला है।

दिल्ली में कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या 500 तक पहुंच गई है और सात लोगों की मौत हो चुकी है।