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कश्मीर में 370 से लेकर हरियाणा- महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव तक, देखिए अर्नब गोस्वामी से एक्सक्लूसिव बातचीत में क्या बोले अमित शाह

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:


दिवाली से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी से एक्सक्लूसिव बातचीत की। इस दौरान अमित शाह ने सभी मुद्दों पर बेबाकी से जवाब दिया।  

अर्नब ने केंद्रीय गृहमंत्री से यूनिफॉर्म सिविल कोड पर सवाल पूछे तो उन्होंने कहा कि हम इस पर कोई टाइम टेबल नहीं दे सकते। जब ऐसे फैसले होते हैं तो एक टीम में बैठ कर और प्रधानमंत्री के निर्देश पर होते हैं। 

अमित शाह ने आगे कहा यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट हमारे भारतीय जनता पार्टी के का घोषणापत्र का हिस्सा है, पार्टी उसपर अटल खड़ी है कि लागु होना चाहिए उसपर हमारी दृढ़ मान्यता है। कब करना है इसका उचित समय क्या होगा और कैसे करना है। ये सारे लोगों से चर्चा करके तय होता है । परंतु मैं मानता हूं कि किसी भी बिन सांप्रदायिक देश के लिए धर्म के आधार पर कानून नहीं होना चाहिए। सब नागरिकों के लिए एक कानून होना चाहिए।

अनुछेद 370 को लेकर अमित शाह कहा..

इससे पहले केंद्रिय गृह मंत्री ने कहा मैं मानता हूं कि कश्मीर के विकास के रास्ते अनुच्छेद 370 हटने से खुल चुके हैं। कश्मीर के अंदर शांति की स्थापना करने की शुरुआत अनुच्छेद 370 हटने से हो चुकी है। चिर काल से शांति स्थापना करने की शुरुआत हो चुकी है।

अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने का हाल ही में लिया गया निर्णय कश्मीर घाटी से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को ‘‘ पूरी तरह मिटाने’’ में मदद करेगा।

कश्मीमर के शोपियां में आतंकियों द्वारा ट्रक ड्राइवर की हत्या पर अमित शाह ने कहा  कि 1990 से लेकर आज एक भी वर्ष ऐसा निकाल दिजिए जिसमें ऐसी घटना नहीं हुई हो, उसवक्त धारा 370 लगी हुई थी। कश्मीर में धारा 370 और आतंक का कोई लेना देना नहीं है। परंतु धारा 370 हटने के बाद मुझे पूरा भरोसा है कि घाटी की जनता इनका समर्थन नहीं करेगी। जहां तक पाकिस्तान की बात है उरी और पुलवामा हमले के बाद ऐसी कोई संभवाना नहीं है। अगर वह कोशिश करेगें तो मैं इमरान खान की तरह जवाब नहीं दे सकता हूं। यह भारत की सरकार है यहां डेमोक्रेटिक रूट बहुत गहरी है। मैं नही मनाता भारत की ऐसी भाषा हो सकती है। 

रिपब्लिक भारत के खुलासे पर बोले शाह

वहीं NCP नेता प्रफुल्ल पटेल मामले में रिपब्लिक भारत के खुलासे पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा ईडी इस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद इसपर कुछ कहा जा सकता है। पंरन्तु हाजारा बेबी के साथ किसी भी प्रकार का डील हुआ है तो इसपर इतना तो बनता है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को इसपर अपना स्टेंड क्लियर करना चाहिए। 

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ''मैं देश की जनता को आश्वस्त करता हूं कि नरेन्द्र मोदी सरकार, डी कंपनी और इसके साथ जुड़े किसी भी मामले में कोई कोताही नहीं बरतेगी। हम इसकी बहुत बारीकी से जांच कराएंगे। 

हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर शाह ने कहा.. 

पांच वर्षों के भाजपा शासन में हरियाणा और महाराष्ट्र राज्य में किए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए, गृह मंत्री ने कहा कि दोनों सीएम - महाराष्ट्र के देवेंद्र फड़नवीस और हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर ने अपने-अपने राज्यों को विकास के नए पथ पर ले गए हैं ।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव में भाजपा बहुत अच्छी स्थिति में है। दोनों राज्यों में हम भाजपा सरकार बनाने जा रहे हैं। दोनों राज्य में हम दो तिहाई से ज्यादा बहुमत से सरकार बनाने जा रहे है।

 नेहरू को कश्मीर मुद्दे UN ले जाने की क्या जरूरत थी..

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि मुझे नेहरू जी से नहीं बल्कि वो कश्मीर मुद्दे को UN में क्यों ले गए इससे समस्या है। जब भारत की सेना जीत रही थी तो एकतरफा युद्ध विराम क्यों किया ? अगर युद्ध विराम न होता तो आज पाक अधिकृत कश्मीर ही नहीं होता।

अमित शाह ने आगे कहा कि ऐतिहासिक तथ्य लोगों के सामने रखने चाहिए। नई पीढ़ी को जानकारी होनी चाहिए की कश्मीर का प्रश्न खड़ा कहां से हुआ है। POK क्यों अस्तित्व में आया।उन्होंने आगे कहा कि जब हमारी सेनाएं जीत रही थी, पाकिस्तान की सेनाओं को खदेड़ रहे थे, हमारे जवान जान का बलिदान देकर जीत रहे थे तो उस समय UN में जाने की जरूरत क्या थी?

ऊपर वीडियो पर क्लिक कर देखें और क्या बोले अमित शाह...

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