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मानसून से पहले एफसीआई में खाद्यान्न स्टॉक को सुरक्षित रखा गया है: पासवान

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

जरुरी स्तर से कहीं दो गुना अधिक खाद्यान्न भंडार होने के साथ सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश भर में एफसीआई के गोदामों में मानसून से पहले खाद्यान्न भंडार को सुरक्षित रखा गया है।

भारतीय खाद्य निगम (एमसीआई) के कामकाज समीक्षा करने वाले खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने भी कहा कि इसके अधिकारियों को एक करोड़ टन खाद्यान्न के भंडारण की क्षमता वाले आधुनिक साइलो के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड उत्पादन और खरीद के कारण सरकार की अनाज भंडारों का निर्माण किया गया है। एक जून की स्थिति के अनुसार एफसीआई के पास खाद्यान्न् भंडार 4.11 करोड़ टन के आवश्यक स्तर से लगभग दोगुना ज्यादा है।

देश में दक्षिण पश्चिम मॉनसून आने में देर हुई है और अगले कुछ दिनों में इसके केरल में प्रवेश करने की उम्मीद है।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने मानसून के दौरान गोदामों में खाद्यान्नों की भरमार की स्थिति से निपटने के उपाय किए हैं, पासवान ने कहा: "एफसीआई द्वारा खरीदे गए खाद्यान्नों को खुले में नहीं रखा गया है। इसे गोदामों में सुरक्षित रूप से रखा गया है।" 

उन्होंने कहा कि खाद्यान्नों की कुछ मात्रा को ‘कवर’ और ‘प्लिंथ’ (सीएपी) भंडार में रखा गया है और नुकसान को कम करने के लिए सावधानी बरती जाती है।

मौजूदा समय में, 6.5 करोड़ टन की आवश्यकता के मुकाबले सरकार के पास आठ करोड़ 51.5 लाख टन खाद्यान्नों का भंडारण करने की क्षमता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल उपलब्ध संग्रहण व्यवस्था में से 1.26 करोड़ टन ‘सीएपी’ (कवर एंड प्लिंथ) भंडारण व्यवस्था है।

सरकार इस साल अब तक 7.6 करोड़ टन चावल और गेहूं की खरीद कर चुकी है और गोदामों में भी पुराना स्टॉक पड़ा हुआ है।

खाद्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "कुल खाद्यान्न भंडार एक अप्रैल को 4.11 करोड़ टन की आवश्यक स्तर से कहीं लगभग दो गुना ज्यादा था।" 

अधिशेष स्टॉक को खपाने के लिए, एफसीआई ने इस वित्त वर्ष में थोक उपभोक्ताओं को एक करोड़ टन गेहूं बेचने का फैसला किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि स्टॉक को कम करने के लिए अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं।

इस साल गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 10 करोड़ 12 लाख टन होने का अनुमान है और एफसीआई को इस रबी विपणन सत्र में 3.57 करोड़ टन गेहूं खरीद होने की उम्मीद है।

भंडारण मुद्दे और खाद्यान्न की क्षति की स्थिति से निपटने के लिए, पासवान ने कहा कि सरकार चालू निजी उद्यमिता गारंटी (पीईजी) योजना के तहत एक करोड़ टन की भंडारण क्षमता वाले आधुनिक साइलो के निर्माण कार्य में तेजी लायेगी।

पासवान ने कहा, "साइलो के निर्माण की गति हमारे संतोषजनक स्तर पर नहीं है। अब तक एक करोड़ टन के लक्ष्य के मुकाबले 6.75 लाख टन की क्षमता के लिए सिलोस बन चुकी है।" एफसीआई के अधिकारियों को काम में तेजी लाने के लिए एक नई नीति का मसौदा तैयार करने के लिए भी कहा गया है और राइट्स को एक मॉडल लेकर सामने आने को कहा गया है ताकि सिलोस का तेजी से निर्माण किया जा सके।

मंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुसार, एफसीआई श्रम को सुव्यवस्थित करने के लिए अगले छह महीनों में एक 'एकल श्रम प्रणाली' लागू की जाएगी, जिसके तहत 40,000 मजदूरों को श्रम अवधि और वेतन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

वर्तमान में, एमसीआई में, 20,000 मजदूर प्रत्यक्ष पेरोल पर हैं, 11,000 एफसीआई द्वारा भर्ती किये गये कामगार हैं जो 2022 तक सेवानिवृत्त होंगे और 6,700 श्रमिक 'काम नहीं तो वेतन नहीं' प्रणाली पर कार्यरत हैं।

पासवान ने कहा, "एफसीआई में 30-40 श्रमिक यूनियन हैं। हम नई प्रणाली के साथ समाहित होने के लिए आम सहमति बना रहे हैं।" एफसीआई में 4,100 रिक्तियों को भरने के संबंध में, मंत्री ने कहा कि एफसीआई को इस प्रक्रिया के लिए देर नहीं करने और स्टाफ चयन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।

पासवान ने यह भी कहा कि एफसीआई के मुद्दों पर चर्चा के लिए इस महीने के अंत में राज्य के खाद्य मंत्रियों और खाद्य सचिवों की बैठक बुलाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व खाद्य सचिवों और विशेषज्ञों के साथ एक अलग बैठक बुलाकर एफसीआई के कामकाज में सुधार का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
 

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