General News

नवगठित लोकसभा का पहला सत्र आरंभ, प्रधानमंत्री और नवनिर्वाचित सदस्यों ली शपथ

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार को आरंभ हुआ और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों तथा देश भर से चुनकर आए सदस्यों ने शपथ ली।

सत्र का प्रारंभ राष्ट्रगान की धुन बजाये जाने के साथ हुआ। इसके बाद कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने सदन की परंपरा के अनुसार कुछ क्षणों का मौन रखने के लिए सदस्यों से कहा। सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ क्षणों का मौन रखा।इसके बाद कुमार ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई दी।

कार्यवाहक अध्यक्ष ने इसके बाद पीठासीन अध्यक्षों के नामों की घोषणा की।

सदन में इसके बाद नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने का क्रम शुरू हुआ। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदन के नेता होने के कारण निचले सदन की सदस्यता की शपथ ली।

शपथ लेने के लिए जैसे ही प्रधानमंत्री का नाम पुकारा गया सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया जबकि भाजपा के सदस्यों ने ‘‘मोदी..मोदी’’ और ‘‘भारत माता की जय’’ के नारे लगाये।

प्रधानमंत्री मोदी ने हिन्दी में ईश्वर के नाम पर शपथ ली।

प्रधानमंत्री मोदी के बाद कांग्रेस के सदस्य के. सुरेश, बीजद के बी महताब और भाजपा के ब्रजभूषण शरण सिंह ने शपथ ली। सुरेश और सिंह ने हिंदी तथा महताब ने उड़िया में शपथ ली।

कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने पीठासीन अध्यक्षों के जिस पैनल की घोषणा की उसमें ये तीनों सदस्य- के सुरेश, ब्रजभूषण शरण सिंह एवं बी महताब शामिल हैं।

इन तीनों सदस्यों के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और स्मृति ईरानी सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने भी शपथ ली।

मंत्रियों में हर्षवर्धन, श्रीपद नाइक, अश्विनी कुमारी चौबे और प्रताप सारंगी ने संस्कृत भाषा में शपथ ली।

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी का नाम शपथ के लिए पुकारे जाने के बाद भाजपा के कई सदस्यों ने जोरदार ढंग से मेजें थपथपाईं। दरअसल, ईरानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी से हराकर लोकसभा पहुंची हैं।

पश्चिम बंगाल कोटे से मंत्रियों बाबुल सुप्रियो और देबश्री चौधरी के नाम शपथ के लिए पुकारे जाने के बाद भाजपा सदस्यों ने ‘जयश्री राम’ के नारे लगाए। गौरतलब है कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘जयश्रीराम‘ के नारे लगाए थे जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई थी।

मंत्रियों का नाम शपथ के लिए पुकारे जाने के दौरान लोकसभा महासचिव ने एक बार भूलवश केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम पुकारा, जबकि वह सदन के सदस्य निर्वाचित नहीं हुए हैं। बाद में उन्होंने भूल सुधारी और फिर प्रह्लाद जोशी का नाम पुकारा।

केन्द्रीय मंत्री एवं अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल ने पंजाबी तथा भारी उद्योग मंत्री एवं शिवसेना नेता अरविन्द सावंत ने मराठी भाषा में शपथ ली।

प्रधानमंत्री और मंत्रियों के शपथ ग्रहण करने के बाद सदस्यों ने राज्यों के अकारादि क्रम से शपथ ली। सबसे पहले आंध्र प्रदेश के सदस्यों, फिर असम और उसके बाद बिहार के सदस्यों ने शपथ ली।

शपथ ग्रहण के मौके पर सदन में सदन में संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंधोपाध्याय, समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, द्रमुक की कनिमोई, ए राजा और दयानिधि मारन भी मौजूद थे।

सत्र के आरंभ होने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरेन्द्र कुमार को लोकसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर शपथ दिलाई।
 

DO NOT MISS