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इन सात अपराधों की FIR के लिए नहीं काटने होंगे थाने के चक्कर, ऑनलाइन ही होगी शिकयत दर्ज..

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

लोग जल्दी ही सात अपराधों और संबंधित सेवाओं की शिकायतें आनलाइन दर्ज कर सकेंगे तथा प्राथमिकी दर्ज करा सकेंगे. केंद्र इस संबंध में सभी राज्यों के लिए "नागरिक केंद्रित पोर्टल" शुरू करने जा रहा है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

इस पोर्टल से लोग अपने संभावित कर्मचारियों मसलन घरेलू सहायक, ड्राइवर, किरायेदारों या किसी अन्य उद्देश्य से अतीत की जानकारी जुटा सकेंगे. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि नागरिक केंद्रित पोर्टल जल्द ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरूआत के लिए तैयार हैं.

यह गृह मंत्रालय की 'स्मार्ट' पुलिस पहल है ताकि नागरिकों को सेवाएं प्रदान की जा सके तथा कुशल पुलिस जांच में मदद मिल सके. यह परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी.

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इस मंच से 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सात अपराधों और संबंधित सेवाओं के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए ऑनलाइन सुविधा मिलेगी. इनमें कर्मचारियों, किरायेदारों और नर्सों के सत्यापन, सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अनुमति, खोए-पाए चीजों और वाहन चोरी शामिल हैं.

इसका मकसद आपराधिक जांच को नागरिकों के अनुकूल बनाना है. अधिकारी ने कहा कि नागरिकों की रिपोर्ट और अनुरोध बिना समय गंवाए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे जाते हैं ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.

प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में 2014 में सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश में स्मार्ट पुलिस की अवधारणा पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि वह ऐसा पुलिस बल चाहते थे जो कुशल तरीके से देश की कानून व्यवस्था का ध्यान रखे.

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उन्होंने कहा कि स्मार्ट यानी एसएमएआरटी में एस ‘‘स्ट्रिक्ट’’ और ‘‘सेसेंटिव’’ (सख्त और संवेदनशील) के लिए है जबकि एम ‘‘माडर्न’’ एवं मोबाइल के लिए है. वहीं ए ‘‘एलर्ट’’(चौकस) तथा ‘‘एकांटेबेल (जवाबदेह) के लिए है. आर ‘‘रिलायबल’’ (भरोसेमंद) के लिए है जबकि टी ‘‘ट्रेन्ड’’ (प्रशिक्षित) तथा ‘‘टैक्नो-सैवी’’ (तकनीक का जानकार) के लिए है .

( इनपुट- भाषा )


 

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