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फडणवीस ने हेगड़े के दावे को किया खारिज: शिवसेना, राकांपा ने पूर्व मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी के सांसद अनंत कुमार हेगड़े के उस दावे को सोमवार को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि फडणवीस को बहुमत नहीं होने के बावजूद पिछले महीने इसलिए मुख्यमंत्री बनाया गया ताकि 40 हजार करोड़ रुपए की केंद्रीय निधि का ‘दुरुपयोग’ होने से ‘बचाया’ जा सके।

हेगड़े के इस दावे के बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने फडणवीस पर निशाना साधा। शिवसेना ने कहा कि उनका यह कथित कृत्य महाराष्ट्र के साथ विश्वासघात है। शरद पवार नीत राकांपा ने भी कहा कि अगर हेगड़े का दावा सही है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देना चाहिये। कांग्रेस ने हेगड़े के कथित दावे को लेकर मोदी से जवाब की मांग करते हुए कहा कि इससे केंद्र सरकार की पोल खुल गई है।

फडणवीस ने कहा कि न तो केंद्र ने किसी रकम की मांग की थी, न ही महाराष्ट्र सरकार ने इसे वापस भेजा।

विवादित बयानों के लिये चर्चा में रहने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक नाटक को नया मोड़ देते हुए दावा किया था कि फडणवीस को मुख्यमंत्री के नियंत्रण वाली 40,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय निधि का ‘‘दुरुपयोग’’ होने से ‘‘बचाने’’ के लिए बहुमत न होने के बावजूद पिछले महीने महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया था।

हेगड़े ने कहा था, ‘‘आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हाल ही में महज 80 घंटों के लिए हमारा आदमी मुख्यमंत्री था लेकिन जल्द ही फडणवीस ने इस्तीफा दे दिया। हमने यह नाटक क्यों किया? क्या हम नहीं जानते थे कि हमारे पास बहुमत नहीं है, वह क्यों मुख्यमंत्री बने? यह आम सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है।’’

उन्होंने उत्तर कन्नड़ जिले के येल्लापुर में उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘मुख्यमंत्री के नियंत्रण में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि थी। अगर राकांपा, कांग्रेस और शिवसेना सत्ता में आती तो निश्चित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विकास कार्य के लिए नहीं किया जाता और यह दूसरी चीजों में जाता (दुरुपयोग होता)।’’

फडणवीस ने हेगड़े के दावों को ‘‘एकदम गलत’’ करार देते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

फडणवीस ने नागपुर में कहा, ‘‘ यह बिल्कुल गलत है और मैं इसे पूरी तरह खारिज करता हूं। केन्द्र सरकार की एक कम्पनी बुलेट ट्रेन परियोजना ला रही है, जहां महाराष्ट्र सरकार की भूमिका भूमि अधिग्रहण तक सीमित है। केन्द्र ने ना ही किसी कोष की मांग की और ना ही महाराष्ट्र सरकार ने उसे वापस किया। ’’

उन्होंने कहा कि ये खबरें ‘‘एकदम गलत’’ हैं। महाराष्ट्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना में भूमि अधिग्रहण के अलावा कोई भूमिका नहीं थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ किसी भी परियोजना से महाराष्ट्र सरकार का एक भी रुपया केन्द्र को लौटाया नहीं गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने मुख्यमंत्री या कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में ऐसा कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लिया। जो लोग केन्द्र और राज्य सरकार की लेखांकन प्रणाली को समझते हैं उन्हें पता होगा कि इस तरह कोई कोष लौटाया नहीं जाता।’’

फडणवीस ने कहा कि राज्य के वित्त विभाग को इस संबंध में जांच कर सच उजागर करना चाहिए।

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने हेगड़े के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘राज्य सरकार के लिये केन्द्र को 40 हजार करोड़ रुपये का फंड लौटाना असंभव है। अगर यह सब सच है तो प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिये।’’

मलिक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि अन्य राज्यों के साथ भी अन्याय है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल की जनता इस तरह की नाइंसाफी को बर्दाश्त नहीं करेगी।’’

शिवसेना सांसद संजय राउत ने फडणवीस के इस कथित कृत्य को विश्वासघात बताते हुए कहा कि फडणवीस और भाजपा महाराष्ट्र के लोगों के ‘‘अपराधी’’ हैं।

इस बीच, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘ एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने खोली मोदी सरकार की पोल, भाजपा का महाराष्ट्र विरोधी चेहरा बेनक़ाब हुआ।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या संघीय ढांचे को पांव तले रौंद दिया गया? क्या जनता और किसान की भलाई के काम आने वाला 40,000 करोड़ रुपया एक षड्यंत्र के तहत वापस ले लिया गया?’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जबाब दें।’’
 

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