General News

भाजपा के सामने आत्मसमर्पण करें दुर्गा पूजा समितियां, इसलिए मिला आयकर का नोटिस : TMC

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने दुर्गा पूजा समितियों को डराने-धमकाने के इरादे से आयकर का नोटिस भेजा है ताकि वे भाजपा के सामने आत्मसमर्पण कर दें।

भाजपा तृणमूल पर पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा आयोजन को रोकने की कोशिश का आरोप लगाती रही है, लेकिन दुर्गा पूजा समितियों को आयकर का नोटिस मिलने के बाद अब तृणमूल ने उस पर ‘‘राजनीतिक रूप से दोहरा मानदंड’’ अपनाने का आरोप लगाया है और कहा है कि हकीकत में यह भाजपा ही है जो राज्य में दुर्गा पूजा आयोजन को रोकने की कोशिश कर रही है।

तृणमूल ने दुर्गा पूजा समितियों को आयकर का नोटिस भेजने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में यहां एक दिवसीय धरना का आयोजन किया।

तृणमूल के महासचिव और राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वे (भाजपा) राज्य में हमारी सरकार पर दुर्गा पूजा आयोजन को बंद करने का आरोप लगाते थे। लेकिन यह पूरी तरह से गलत और राजनीति से प्रेरित है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘यह भाजपा सरकार ही है जो दुर्गापूजा समितियों को आयकर का नोटिस भेजकर ऐसा करने की कोशिश कर रही है। यह राजनीतिक रूप से दोहरा मानदंड है।’’ 

उन्होंने आरोप लगाया कि पूजा समितियों को आयकर नोटिस भेजने की एकमात्र मंशा उन्हें डराना-धमकाना है ताकि वे भाजपा के सामने आत्मसमर्पण कर दें और उनके (भाजपा के) नेता उन्हें नियंत्रित कर सकें।

चटर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘शुरू में उनकी (भाजपा की) योजना इन समितियों पर नियंत्रण करने की थी लेकिन वे नाकाम रहे। इसलिए अब वे आयकर नोटिस भेजकर पूजा समितियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकतर पूजा समितियां स्थानीय लोगों एवं कुछ स्थानीय विज्ञापनों के माध्यम से मंजूरी लेती हैं। हमें समझ नहीं आ रहा कि इसका आयकर विभाग से क्या लेना है।’’ 

यहां कई दुर्गा पूजा समितियों को नोटिस जारी किए जाने को लेकर केंद्र की आलोचना करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने रविवार को घोषणा की थी कि ‘बंग जननी ब्रिगेड’ (पार्टी की महिला शाखा) मंगलवार को सुबोध मलिक चौक पर धरने पर बैठेगी।

बनर्जी ने कहा कि त्योहारों को कर वसूली से छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोजकों, पूजा में हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं और ‘‘बांग्ला से प्यार करने वाले’’ सभी लोगों को इस प्रदर्शन में हिस्सा लेना चाहिए।

भाजपा ने विरोध प्रदर्शन करने के तृणमूल कांग्रेस के फैसले की आलोचना की और आरोप लगाया कि राज्य के सत्तारूढ़ दल के नेताओं का एक तबका चिटफंड घोटालों में कथित रूप से लूटे गए धन को पूजा समितियों के जरिए सफेद बनाने के काम में लगा है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने कहा, ‘‘अगर आयकर विभाग उनके (पूजा समितियों के) धन के स्रोत की पड़ताल कर रहा है और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो फिर वे (तृणमूल) डर क्यों रहे हैं? अधिकतर दुर्गा पूजा समितियों का नियंत्रण तृणमूल नेताओं के हाथ में है और वे इन समितियों का इस्तेमाल धन की कटौती और काले धन को सफेद बनाने में करते हैं।’’ 

तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को ‘‘निराधार’’ करार दिया।

(इनपुट- भाषा)

DO NOT MISS