General News

क्या संघ के कार्यकर्ता का कोई मानवाधिकार नहीं होता? जानें इस मुद्दे पर अर्नब की राय

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक स्कूल शिक्षक और उनके परिवार के सदस्यों की बर्बर हत्या पर राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। जिसके बाद एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था और आए दिन हो रही है राजनीतिक हत्याओं को लेकर ममता सरकार सवालों के कठघरे में खड़ी हो गई है।

दरअसल मुर्शिदाबाद जिले में मंगलवार को एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, उनकी पत्नी तथा आठ वर्षीय पुत्र की उनके घर में अज्ञात लोगों ने बर्बर हत्या कर दी थी। जिसके बाद बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दावा किया कि शिक्षक आरएसएस से जुड़े थे।

यह भी पढ़ें - मुर्शिदाबाद हत्याकांड को लेकर महिला आयोग का ममता को पत्र, गृह मंत्रालय से भी दखल का अनुरोध किया

वहीं भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया, ‘‘इससे ज्यादा जघन्य क्या हो सकता है? संघ के कार्यकर्ता बंधु प्रकाश पाल, उनकी गर्भवती पत्नी तथा उनके आठ वर्षीय पुत्र की मुर्शिदाबाद में नृशंस तरीके से हत्या कर दी गयी। किसी राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति को अच्छा कैसे माना जा सकता है जब आम आदमी की जान सुरक्षित नहीं है? दीदी आपके शासन में क्या हो रहा है।’’

विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल के पार्टी मामलों के प्रभारी भी हैं।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक परिवार ख़त्म हो गया, हत्या क्यों हुई इसकी जांच हो रही है। लेकिन झारखंड में एक हत्या पर देश में ख़तरा होने का शोर औऱ बंगाल में हत्या होने पर अपने फायदे की खामोशी। यही सवाल सभी के मन में कौंध रहे हैं।

अर्नब के विचार 

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक पूरा परिवार ख़त्म हो गया, परिवार के मुखिया बंधु प्रकाश पाल RSS कार्यकर्ता थे उनको मारा डाला गया उनके 6 साल के बच्चे और गर्भवती पत्नी की हत्या कर दी गई। हत्या को 3 दिन बीत गए लेकिन बंगाल पुलिस कुछ नहीं कर रही है, वो लोग भी खामोश हैं जो मानवाधिकार का ढोल पीटते हैं और कहते हैं कि भारत में बहुत डर लगता है वो लोग आज गायब हैं जो झारखंड में एक हत्या पर भारत को लिंचिस्तान बताते हैं लेकिन जब बंगाल में एक पूरा परिवार मार दिया जाता है तो मुंह पर पट्टी बांध लेतें हैं ऐसे लोगों को आज सिर्फ मैं नहीं पूरा भारत बेनकाब करेगा।

DO NOT MISS