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पंजाब में महिला IAS अफसर ने मंत्री पर लगाए आपत्तिजनक मैसेज भेजने के आरोप, कार्रवाई की मांग

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:


पंजाब में विपक्षी पार्टियों ने एक महिला सरकारी अधिकारी को कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने को लेकर राज्य के एक कैबिनेट मंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बुधवार को मांग की .

दरअसल,  कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के  इस मंत्री द्वारा राज्य की एक सीनियर महिला आइएएस अधिकारी को विवादित मैसेज भेजने का मामला तूल पकड़ गया है. मुख्यमंत्री  कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार इसको लेकर मंत्री को फटकार भी लगाई थी और महिला अफसर से माफी भी मंगवाई, लेकिन मामला शांत होता नहीं दिख रहा है. कुछ समय तक यह मामला शांत हो गया था. लेकिन आरोप है कि मंत्री ने फिर ऐसा मैसेज भेज दिया. जिसके बाद खलबली मच गई. 

यह मामला मुख्यमंत्री के बाद पार्टी हाईकमान राहुल गांधी तक भी पहुंच चुकी हैं. चूंकि , मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस समय इजरायल की यात्रा पर हैं इसलिए अगर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई उनके लौटने पर होगी. 

अकाली दल और आप ने यह मांग की है कि आरोपी मंत्री को बर्खास्त कर दिया जाए . हालांकि, मंत्री के नाम का खुलासा नहीं किया गया है. मीडिया में आई खबर के खबर के मुताबिक मंत्री ने अधिकारी को शुरू में संदेश भेजे थे . 

महिला ने एक महीने पहले मंत्री द्वारा एक बार फिर से संदेश भेजे जाने के बाद उनके खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी .

उधर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री से अपने उस कैबिनेट सहकर्मी को बेनकाब करने को कहा है .उन्होंने कहा कि यह हैरान करने वाला है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस विषय पर चुप हैं जबकि उन्हें शिकायत के बारे में कथित तौर पर अवगत कराया गया था . 


बादल ने यहां एक बयान में कहा कि राहुल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ इस मामले को ढंकने के कार्य में शामिल हैं ?  शिअद नेता ने कहा कि महिला अधिकारी को एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए .

सुखपाल सिंह खैरा के नेतृत्व वाले आप के बागी गुट के सदस्य एवं विधायक कंवर संधू ने कहा कि इस घटना की जांच होनी चाहिए और मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए . 

यहां एक बयान में आप की महिला शाखा की प्रमुख राज लाली गिल ने अमरिंदर से मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की .

बहरहाल, कांग्रेस नेताओं और पंजाब सरकार के अधिकारियों की टिप्पणी के लिए उनसे संपर्क नहीं हो सका .
 

( इनपुट - भाषा से भी )

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