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लोकसभा में उठी वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग, केंद्र ने कहा- 'किसी सिफारिश की जरुरत नहीं'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समय जारी बीजेपी के घोषणा पत्र में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर)  को भारत रत्न दिलाने का वादा किया गया था। जिस पर खूब राजनीतिक विवाद हुआ था। जिसके बाद अब लोकसभा में केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। सावरकर को भारत रत्न के प्रस्ताव के बारे में सदन के सदस्य गोपाल चिन्ना शेट्टी द्वारा पूछे गए चार सवालों के जवाब में, सरकार ने अपने लिखित जवाब में कहा कि भारत रत्न के लिए सिफारिशें आती रहती हैं लेकिन इसके लिए किसी औपचारिक सिफारिश की जरूरत नहीं है। 

सरकार ने यह भी कहा कि भारत रत्न के संबंध में निर्णय समय-समय पर लिए जाते हैं।

इससे पहले बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यानी BHU में वीर सावरकर की फोटो के साथ छेड़छाड़ की गई है। छात्रों ने न सिर्फ़ स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के फोटो को दीवार से उखाड़ कर नीचे फेंक दिया, बल्कि उस पर स्याही भी पोत दी. बीएचयू के पोलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट में महात्मा गांधी, बाबा साहब आंबेडकर और वीर सावरकर सहित कई महापुरुषों के चित्र लगे हुए हैं। सभी क्लासरूम में तीन वर्ष पहले छात्रों और शिक्षकों के सहयोग से इन चित्रों को लगाया गया था।

गौरतलब है कि भाजपा की महाराष्ट्र इकाई ने मंगलवार को कहा कि वह केंद्र में अपनी पार्टी की अगुवाई वाली राजग सरकार से वीर सावरकर के नाम से लोकप्रिय विनायक दामोदर सावरकर को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की मांग करेगी।

पार्टी के एक नेता ने बताया कि भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा द्वारा जारी चुनाव घोषणापत्र में प्रदेश इकाई ने समाज सुधारकों-- ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को भी यह सम्मान देने की मांग की है।
 

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