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दिल्ली हिंसा सोनिया समेत विपक्षी नेताओं के भड़काने का नतीजा : भाजपा

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पिछले साल एक रैली में सीएए के खिलाफ दिये गये ‘आर पार की लड़ाई’ वाले बयान को उत्तर पूर्व दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जोड़ते हुए गुरुवार को कहा कि विपक्षी नेताओं के उकसावे की वजह से हिंसा फैली है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा के कुछ बयानों का भी जिक्र किया और आम आदमी पार्टी के एक नेता के घर पर बड़ी संख्या में पत्थर और कथित पेट्रोल बमों की मौजूदगी की ओर भी इशारा किया।

जावड़ेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर राष्ट्रीय राजधानी में दंगों का ‘‘राजनीतिकरण’’ करने का आरोप लगाया जिनमें अब तक 34 लोगों की मौत की खबर है।

जावडेकर ने पूछा कि पुलिसकर्मियों पर हमले और आईबी कर्मी अंकित शर्मा की मौत पर अन्य राजनीतिक दल चुप क्यों हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है कि शांति कायम करने का प्रयास करें।’’

दिल्ली में सत्तारूढ ‘आप’ पर हमला करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि उनके विधायकों को शांति के लिए काम करना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में धार्मिक आधार पर दंगा पीड़ितों की पहचान की ।

जावड़ेकर ने कहा कि हिंसा केवल दो दिन में नहीं फैली बल्कि दो महीने से आग सुलगाई जा रही थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने यहां एक रैली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ ‘आर पार की लड़ाई’ का आह्ववान किया था।

सोनिया गांधी ने पिछले साल 14 दिसंबर को सीएए के खिलाफ रैली में भाषण दिया था।

जावड़ेकर ने कहा, ‘‘उन्होंने (सोनिया ने) कहा था कि अब हमें तय करना होगा कि किस ओर रहना है। क्या यह भड़काना नहीं है? प्रियंका गांधी ने कहा कि सैकड़ों लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा। क्या यह भ्रम फैलाना नहीं है? राहुल गांधी ने कहा, ‘‘चिंता मत कीजिए, हम आपके साथ हैं’’। इससे डर फैला और लोग उकसे।’’

उन्होंने सोनिया के बयान की तुलना तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा 1984 के सिख विरोधी दंगों को सही ठहराये जाने से की। राजीव गांधी ने तब इंदिरा गांधी की हत्या के संदर्भ में कहा था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिल जाती है।

कपिल मिश्रा सरीखे भाजपा नेताओं के कथित भड़काऊ बयानों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है। उन्होंने कहा कि आप विधायक अमानतुल्ला खान और एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने लोगों को भड़काने के लिए बयान दिये।

उन्होंने कहा, ‘‘आप पार्षद ताहिर हुसैन के घर पर दंगा फैक्ट्री मिली। कांग्रेस और आप इस पर चुप क्यों हैं।’’

उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दंगों में शामिल किसी भी नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और हिंसा को सियासी रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

जावड़ेकर ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभावी तरीके से मामला संभालने के कारण दो दिनों में शांति बहाल हो गयी ।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा शाह का इस्तीफा मांगना ‘‘ओछी राजनीति’’ है ।

इससे पहले, कांग्रेस ने दिल्ली हिंसा मामले में सुनवाई करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस मुरलीधर के तबादले को लेकर आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर हमला बोला है। सरकार न्यायपालिका के खिलाफ बदले की कार्रवाई कर रही है।

जावड़ेकर ने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम की सिफारिश के अनुरूप किया गया है।