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दिल्ली: 100 साल पुरानी मंदिर तोड़े जाने पर गरमाई राजनीति, पूरे इलाके में अर्धसैनिक बल को तैनात

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


देश की राजधानी दिल्ली के चावड़ी बाजार के लाल कुंआ इलाके में तनाव का माहौल बरकरार है। रविवार देर रात पार्किंग के चलते शुरू हुआ विवाद उस समय साम्प्रदायिक रंग ले लिया जब एक समुदाय के कुछ लोगों ने इलाके में स्थित एक मंदिर पर पथराव कर दिया। जिससे मंदिर को क्षति पहुंची। दोनों ही समुदाय आमने सामने आ गये।

मंदिर में हिन्दू देवी मां दुर्गा, भगवान शिव, प्रभु श्रीराम, हनुमान समेत कई अन्य की मूर्तियां थी। मामला रविवार देर रात की है लेकिन अब तक कोई मुस्लिम लेखक, सिने स्टार, बुद्धिजीवी आगे नहीं आया जो ये कह सके कि ये गलत हुआ है।

वहीं दिल्ली में एक मंदिर पर हमले की निंदा करते हुए  'जन की बात' के सीईओ प्रदीप भंडारी ने कहा कि अगर दो व्यक्ति के बिच की घटना थी तो इतने लोग कहां से आ गए?  

इस मुद्दे पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ समयबद्ध तरीके से मुदकमा चलाना चाहिए और उन्हें दोषी ठहराना चाहिए।

हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी ने ट्वीट किया कि किसी भी इबादतगाह या उपासक पर हमला हमारे प्रिय देश के बहुलवाद और विविधता पर हमला है। 

उन्होंने कहा, ‘‘ तोड़फोड़ की यह घटना बेहद निंदनीय है और मैं मांग करता हूं कि आरोपियों के खिलाफ समयबद्ध तरीके से मुदकमा चलाया जाए और उन्हें दोषी ठहराया जाए।’’ 

गौरतलब है कि रविवार रात को पुरानी दिल्ली में चावड़ी बाजार के पास लाल कुएं के इलाके में स्कूटर की पार्किंग को लेकर दो लोगों में झगड़ा हो गया था जिसमें सांप्रदायिक रंग ले लिया था। इस दौरान मंदिर पर पथराव किया गया था जिससे सोमवार को पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था।

एक अन्य ट्वीट में ओवैसी ने आरोप लगाया कि राजग सरकार ने एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के लिए आवंटित कोष को कम कर दिया है।

उन्होंने कहा कि यह शिशु मुत्यु दर से लड़ने के लिए अहम कार्यक्रम है।
 

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