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गाय को लेकर उलझा राजस्थान विधानसभा, गहलोत के मंत्री ने कहा- 'गाय निश्चित तौर पर बहुउपयोगी है, लेकिन इसकी पूजा करने का कोई मतलब नहीं है'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

राजस्थान में गाय की पूजा को लेकर सियासत शुरु हो गई है। विधानसभा में गाय की पूजा को लेकर राजस्थान के संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि हिंदुओं को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की मौजूदा सोच इस संगठन के विचारक दामोदर सावरकर की उस राय से बिलकुल विपरीत है जिसकी व्याख्या उन्होंने अपनी किताब में की थी। मंत्री ने कहा कि यह वही सावरकर थे जिन्होंने कहा था कि ‘‘गाय को पूजने का कोई औचित्य नहीं’’है।  


संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने सोमवार रात विधानसभा में अनुदान मांगो पर बहस के  दौरान गाय को लेकर यह बयान दिया। जिसके बाद सियात गरमा गई है। राष्ट्रवाद को लेकर भाजपा के सिद्धांत पर सवालिया निशान लगाते हुए धारीवाल ने कहा कि देश के करोड़ों मुसलमानों को साथ लिए बिना किसी को भी राष्ट्रवादी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि ‘'भारत के मुसलमान सर्वश्रेष्ठ मुसलमान हैं।’’ 

पुलिस व जेल विभागों की अनुदान मांगों पर जवाब देते हुए धारीवाल ने सोमवार रात राज्य विधानसभा में कहा कि जब यह कहा जाता है कि 'हिंदुस्तान' में रहना है तो 'हिंदू' बनकर रहना होगा तो इससे समाज का वातावरण खराब होता है और जगह-जगह झगड़े होते हैं। हमें इस पर विचार करना चाहिए। दामोदर सावरकर की किताब ‘‘हिंदुत्व’’ का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘हिंदुत्व में, जो उनका ग्रंथ है, उसमें उन्होंने साफ लिखा है कि वह आदमी जिसका पुण्य भू और जिसका पितृ भू अगर इस देश का है तो वह हिंदू है। पुण्य भू का मतलब उसका तीर्थ स्थान यहां पर हो, उसका मंदिर यहां पर हो, उसका गुरूद्वारा उसका मठ यहां पर हो। उसके देवी देवता यहां पर हो। वहीं पितृ भू का मतलब है कि उसका खानदान, उसके पुरखे, उसके मां बाप यहां जन्म लेते हैं तो वह हिंदू है।’’ 


धारीवाल ने कहा कि वह आदमी हिंदू नहीं कहलवा सकता जिसका पुण्य भू चाहे वह या उसके पुरखे यहां पैदा हुए हों। लेकिन अगर उसका पुण्य भू मक्का हो, मदीना हो, यरूशलम हो, इजराइल हो, रोम हो वह यहां पर नहीं कहलवा सकता। उसको हिंदू नहीं माना जा सकता। लेकिन मोहन भागवत ने बैतूल में एक सभा में हिंदू की परिभाषा बदल दी। उन्होंने कह दिया कि भारत में रहने वाला, हिंदुस्तान में रहने वाला हर आदमी हिंदू है।’’ 

धारीवाल के अनुसार सावरकर ने ही कहा था कि गाय बहुपयोगी जानवर है लेकिन उसकी पूजा का कोई औचित्य नहीं है। गौ पूजा के बारे में सावरकर के विचारों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘पूजा तो सुपर ह्यूमन की जाती है किसी जानवर की नहीं। गाय बहुत उपयोगी है, यह दुनिया मानती है।’’ 

धारीवाल के बयान के दौरान भाजपा के सदस्यों ने हंगामा भी किया लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट कहा कि मंत्री अपनी बात नहीं रख रहे बल्कि वह तो किताब में लिखी बातें बता रहे। मुसलमानों के बारे में धारीवाल ने कहा, ‘‘अगर हमारी यह सोच हो कि 20-22 करोड़ मुसलमान इस देश से बिलकुल अलग हैं तो हम कैसे राष्ट्रवादी हैं? कैसे राष्ट्रवादी कहलाएंगे?’’

अन्य देशों में मुसलमानों की स्थिति का जिक्र करते हुए धारीवाल ने कहा कि भारत के मुसलमान सर्वश्रेष्ठ मुसलमान हैं जिनको साथ लिए बिना कोई भी व्यक्ति राष्ट्रवादी नहीं कहलवा सकता। भाजपा के विधायक वासुदेव देवनानी ने मंत्री के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मंगलवार को इसे भारतीय मूल्यों पर प्रहार बताया, जहां गाय की लंबे समय से पूजा हो रही है।

गाय पर दिए गए बयान के बाद उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने आपत्ति जताई तो सदन में हो- हल्ला शुरू हो गया।  इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने डॉ. सीपी जोशी ने यह कह कर मामला शांत किया कि मंत्री यह बात अपने मन से नहीं बोल रहे हैं। बल्कि वो किताब को कोट करते हुए कह रहे हैं।


वहीं गाय के मुद्दे पर हुए इस विवाद के बाद मंगलवार को विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि गाय हमारी माता है और कांग्रेस उसे पशु मानती है। देवानानी ने सावरकर द्वारा किताब में गाय की पूजी नहीं करने के सवाल पर कहा कि किसी एक व्यक्ति के कुछ लिख देने से कोई फर्क नहीं पड़ता। 

 

( इनपुट- भाषा से भी )

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