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मजदूरों के लिए कम कीमत पर आटा, दाल, चावल मुहैया करवा रहे हैं कोरोना के शूरवीर

Written By Jitender vatsal | Mumbai | Published:

कोरोना महामारी के बढ़ते खतरों के बीच कुछ ऐसे शूरवीर भी सामने आए हैं जो गरीब, मजदूरों की आवश्यकताओं की पूर्ति को लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल इलाके में मजदूरों को कम कीमत पर आटा, दाल, चावल और तेल मुहैया कराया जा रहा है। बवाना फ्लोर मिल के अध्यक्ष राजीव गोयल ने रिपब्लिक भारत  से बातचीत में बताया कि यहाँ के मजदूरों के लिए उन्होंने यह शुरूआत किया है जिससे कि कोई भूखा नहीं रहे। 

बाद में दे पैसै
राजीव गोयल ने बताया कि आटे की दस किलो की एक बोरी मजदूरों के लिए महज 240 रूपयें मे दी जा रही है जबकि बाजार में यह 340 रूपये की मिल रही है। आटा मिल एसोसिएशन के नवीन कुमार सिंगला ने बताया कि यह केवल मजदूरों के लिए है आम लोगों के लिए नहीं। 


दाल भी रियायती दर पर
दीपक कुमार गोयल दाल एसोसिएशन के प्रमुख हैं उन्होंने बताया कि मजदूरों के लिए पांच – पांच किलो की थैली बना रखी है जिसमें चना, अरहर और मलका प्रमुख हैं। इसे हम रियायती दरों पर मजदूरों के लिए मुहैया कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के लोगों का काफी सहयोग मिल रहा है जिसकी वजह से सामान जरूरतमंदों तक पहुँच पा रहा है। 

खाद्य सामग्री की कमी नहीं
बवाना एसोसिएशन से जुड़े मनीष बंसल ने बताया कि दिल्ली में खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि सभी जरूरतमंदों तक इसे सही तरीके से पहुंचाया जाए। अगले कुछ दिन काफी अहम है जिसमें सबसे जरूरी है लोगों तक सही जानकारी पहुंचे। 

जमाखोरों से निपटनी हमारी चुनौती
बवाना में खाद्य सामग्री में तेल एसोसिएशन से जुड़े पवन कुमार ने बताया कि मजदूरों के लिए केवल 50 रूपये में खाने का तेल मुहैया किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादा जरूरी यह है कि जमाखोरों की पहचान कर उसे दंडित किया जाए। 

हमें कोई परेशानी नहीं
बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में काम करे मजबूर रामकिशन ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में यह सुविधा जारी रहे तो हमें कोई परेशानी नहीं है। हमें खाने की ही दिक्कत हो रही थी लेकिन वह भी अब दूर हो रही है।


सीनियर कोरेस्पोंडेंट जितेंद्र चौहान 

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