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बिहार के SKMCH अस्पताल में नेताओं की गुंडागर्दी : रिपब्लिक भारत के रिपोर्टर के साथ धक्का मुक्की, सवाल पूछने पर भड़के कांग्रेसी

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

बिहार के मुजफ्फरपुर में कृष्णा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेताओं के लिए पर्यटन स्थल बना हुआ है। इसी क्रम में मासूमों की मौत पर जब रिपब्लिक भारत की टीम ने लाव -लश्कर के साथ अस्पताल पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से सवाल किए तो वह भड़क गए। सवाल से बौखलाए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन कुमार झा और उनके समर्थकों ने रिपब्लिक भारत के रिपोर्टर के साथ धक्का मुक्की करने लगे।  


वहीं अस्पताल में मानव कंकाल के अवशेष मिलने पर हड़कंप मचा हुआ है। मानव शरीर के अवशेष मिलने के बाद SKMCH के प्रिंसिपल ने कबूला कि वह कंकाल नर कंकाल ही थे।


इससे पहले अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एसके शाही ने कहा, 'पोस्टमॉर्टम विभाग प्राचार्य के अधीन आता है, लेकिन इसमें मानवीय संवेदनाओं को ध्यान रखना चाहिए. मैं प्रिंसिपल से बात करूंगा और उन्हें इस मामले की जांच के लिए जांच कमेटी बनाने के लिए कहूंगा।'

श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, मुजफ्फरपुर की जांच टीम ने वहां का दौरा किया, जहां अवशेष मिले हैं। अस्पताल के डॉ. विपिन कुमार ने कहा, 'यहां मानव कंकाल के अवशेष मिले हैं. प्रिंसिपल पूरी जानकारी देंगे।'


बता दें, बिहार में अभी तक करीब 176 बच्चों की मौत हो चुकी है। मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का मामला लोकसभा में भी उठा है। भाजपा के एक सदस्य ने शुक्रवार को लोकसभा में सरकार से इस बात की जांच कराने की मांग की कि बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की मौत के मामले में लीची को जिम्मेदार ठहराना कहीं इस फल को बदनाम करने की साजिश तो नहीं है। बिहार के सारण से लोकसभा सदस्य राजीव प्रताप रूड़ी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाया और कहा कि मुजफ्फरपुर में हालात बहुत चिंताजनक हैं।

 

उन्होंने कहा, ‘हमें बताया गया है कि मुजफ्फरपुर में बच्चों द्वारा लीची का सेवन करना इन्सेफेलाइटिस का कारण हो सकता है. हम बचपन से लीची खा रहे हैं लेकिन हमें इन्सेफेलाइटिस नहीं हुआ.' रूड़ी ने कहा कि कुछ भ्रामक जानकारी की वजह से कई लोगों ने लीची खाना और लीची का जूस पीना बंद कर दिया है। 


 

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