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कांग्रेस ने न्यायाधीशों पर महाभियोग के नाम से डराने का खतरनाक खेल शुरू किया : मोदी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर रविवार को आरोप लगाया कि उसने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग के नाम से डराने का एक नया और खतरनाक खेल शुरू किया है.  उन्होंने यह भी कहा कि जातिवाद के जहर को कांग्रेस आज भी छोड़ नहीं पाई है . 

मोदी ने राजस्थान के अलवर में एक चुनावी रैली में कहा कि कांग्रेस उच्चतम न्यायालय के बडे़ वकीलों को राज्यसभा का सदस्य बनाती है और वे सदस्य उन न्यायाधीशों को महाभियोग के नाम से डराने का नया खेल खेल रहे हैं जो न्यायाधीश उनके राजनैतिक इरादों के अनुसार कार्य नहीं करते .

उच्चतम न्यायालय में अयोध्या मामले की सुनवाई का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि जब यह मामला चल रहा था, तब कांग्रेस के नेता और राज्यसभा के एक सदस्य ने कहा था कि 2019 तक केस मत चलाओ, क्योंकि 2019 में चुनाव है. ‘‘देश के न्यायतंत्र को इस तरह राजनीति में घसीटना ठीक है क्या? ’’ 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘'जब उच्चतम न्यायालय का कोई न्यायाधीश अयोध्या जैसे गंभीर संवेदनशील मसलों सबका पक्ष सुनना चाह रहे थे तो कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और वकील न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें डरा धमका रहे थे .'’ 

मोदी ने कहा कि कांग्रेस के इस नये खेल के संबंध में वह देश के बुद्धिजीवियों से, राष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिये गंभीरतापूर्वक इसे कसौटी पर कसने का अनुरोध करते हैं.

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का न्यायपालिका में भरोसा नहीं है, लेकिन ‘‘हम यह काला कारनामा लोकतंत्र के मंदिर में नहीं होने देंगे.’’ 

मोदी ने कांग्रेस पर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस वालों ने हिन्दुस्तान को तोड़ा है. उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी दिन प्रतिदिन इतनी नीचे गिरती जा रही है कि उन्होंने राजनीति के संस्कार ही छोड़ दिये, शिष्टाचार भूल गये और चुनाव में विकास के मुद्दों पर बहस करने के लिये वे अपनी हिम्मत भी खो चुके हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ‘अहंकारी’ पार्टी है, जिसके पास विकास के एजेंडा पर चर्चा करने का साहस ही नहीं है.

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को उसकी पिछली सरकार के पांच साल के कार्यों और वर्तमान वसुंधरा सरकार के कार्यकाल के कार्यों की तुलना करने की चुनौती देते हुए कहा ‘‘पिछली सरकार के पांच साल का हिसाब इतना बुरा है कि कांग्रेस में वसुंधरा सरकार के पांच साल को कामों को देखने की भी हिम्मत नहीं है.’’ 

उन्होंने कहा, '‘जब आपके कामों का कोई हिसाब नहीं हो, कोई विजन नहीं हो और खुद आपकी पार्टी के भीतर जारी जंग का कोई हल न हो तब चुनाव का मुद्दा बनता है कि मोदी की जाति कौन सी है? आप इसके आधार पर वोट करेंगे क्या? मोदी का जन्म कहीं भी हुआ हो, क्या राजस्थान का भविष्य उससे तय होगा?’’ .

उन्होंने कहा ‘‘ जातिवाद के जहर को कांग्रेस आज भी छोड़ नहीं पाई है। कांग्रेस का मूल स्वभाव उनकी वाणी व स्वभाव में झलकता है. गरीबों, दलितों और शोषितों के प्रति नफरत का भाव कांग्रेस की रगों में है. कांग्रेस के दिग्गज नेता बाबा साहेब आंबेडकर के समय से गलत भाषा का प्रयोग करते रहे हैं.’’ 

(इनपुट - भाषा से )

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