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कांग्रेस का घोषणपत्र में ऐलान- 'खत्म कर देंगे देशद्रोह का कानून, होता है दुरुपयोग'

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान शुरू होने में अब दस दिन भी बाकी रहे गए हैं। लिहाजा एक-एककर अब राजनीति पार्टियां अपने घोषण पत्र जारी कर रही हैं या करने वाली हैं। लेकिन इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने अपना चुनावी घोषणपत्र जारी कर दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपने घोषणपत्र की जानकारी दी। लेकिन अब इसके साथ नया विवाद जुड़ा गया है। दरअसल राहुल गांधी ने देशद्रोह कानून को खत्म करने की बात की है।
 
अपने घोषण पत्र में कांग्रेस ने देशद्रोह कानून हटाने के पीछे तर्क दिया है कि"भारतीय दंड संहिता की धारा 124A (जो अपराध 'देशद्रोह' को परिभाषित करता है) का दुरुपयोग किया गया है"

बता दें, कुछ हफ़्ते पहले, रिपब्लिक भारत ने सबसे पहले इस बात का खुलासा किया था  कि कांग्रेस राजद्रोह कानून के खिलाफ एक स्टैंड लेगी। कांग्रेस ने समय-समय पर कानून के खिलाफ बात की और कहा था कि वर्तमान सरकार पर उन लोगों के खिलाफ दुरुपयोग करती है, जो उनके खिलाफ आवाज उठाते हैं।
2016 में कुख्यात विवाद के बाद भव्य पुरानी पार्टी के नेताओं ने भी जेएनयू का दौरा किया था, और उन लोगों को समर्थन दिया था जिन्हें भारत विरोधी नारे लगाने के लिए राजद्रोह कानून के तहत दर्ज किया गया था।

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साथ ही घोषणापत्र में आईपीसी की धारा 499 को हटाने और केवल ​​​ 'मानहानि' को सिविल अपराध बनाने का वादा किया गया है और अब ये कोई आपराधिक अपराध नहीं होगा। इसके अलावा, पार्टी ने 'सुरक्षा बलों की शक्तियों और नागरिकों के मानवाधिकारों के बीच संतुलन बनाने के लिए' AFSPA में संशोधन का भी आश्वासन दिया। हालांकि सेना AFSPA में संशोधन करने का समय- समय पर विरोध करती रही है। 

कांग्रेस ने अपने चुनावी मैनिफेस्टों में कई और चुनावी वादा करते हुए ऐलान किया कि किसान की बात भी हमारे घोषणापत्र की बड़ी थीम है। एक अलग किसान बजट होना चाहिए। देश के किसान को मालूम होना चाहिए कि उसको कितना पैसा मिल रहा है, उसकी एमएसपी कितना बढ़ाई जा रही है। 

 

 

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