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कांग्रेस ने पाक PM को सुनाई खरी-खोटी, कहा- ''जैश-ए-मोहम्मद की भाषा बोल रहे हैं इमरान खान''

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

पुलवामा आतंकी हमले पर पाकिस्तान ने मंगलवार को अपनी तरफ से पहली बार दलील पेश की है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस अटैक पर करीब एक हफ्ते बाद तब जवाब दिया जब भारतीय सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पाकिस्तान और आतंकियों को खुली चेतावनी दी।

पुलवामा आतंकी हमले पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान के बाद कांग्रेस ने भी उन पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि इमरान आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की भाषा बोल रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'खेदपूर्ण व शर्मनाक- पाक प्रधानमंत्री इमरान खान आज भी जैश ए मोहम्मद की भाषा बोल रहे हैं।

'उन्होंने कहा, "भूलिए मत की इंदिरा गांधी व सेना ने 1971 में पाक के दो टुकड़े कर बांग्लादेश को आज़ादी दिलायी थी तथा पाक के 91000 सैनिकों ने ढाका में भारतीय सेना को आत्मसमर्पण किया था।''

सुरजेवाला के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इमरान खान को लताड़ा है। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तानी पीएम से दो टूक कहा कि वो पहले मसूद अजहर को पकड़ कर दिखाएं। और अगर उनसे ये नहीं हो पा रहा है तो हम करके दिखाएंगे।

पुलवामा हमले के एक सप्ताह बीत जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने रेडियो पाकिस्तान के जरिए अपनी बात रखी। अपनी दलील देते हुए इमरान ने कहा कि हम स्थिरता चाहते हैं, ऐसे में हमले की साजिश क्यों रचेंगे? हम दहशतगर्दी पर भी बात करने को तैयार हैं। भारत सोचे कि कश्मीर के युवा मरने-मारने पर क्यों उतर आए? 

दरअसल, इमरान खान ने पुलवामा आतंकवादी हमले में ‘‘कार्रवाई योग्य जानकारी’’ साझा करने पर साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का मंगलवार को भारत को आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके देश के खिलाफ कोई भी कार्रवाई किए जाने पर उसका जवाब दिया जाएगा ।

बता दें, पुलवामा हमले पर भारतीय सेना ने पड़ोसी मुल्क और आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी, जिसके बाद पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान सहम गया है। इंडियन आर्मी के बयान के महज़ तीन घंटे बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी कायरता का प्रमाण दे दिया है। डरे हुए पाक के पीएम ने एक बार फिर दिखावा करते हुए आतंकवाद पर बातचीत की अपील की है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा 14 फरवरी को किए गए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए

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