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कांग्रेस दफ्तर में पी चिदंबरम ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- 'मैं कानून से भाग नहीं रहा था, मेरे खिलाफ आरोप झूठे'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

आईएनएक्स मीडिया मामले में आरोपों का सामना कर रहे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम बुधावार देर शाम नाटकीय ढंग से कांग्रेस मुख्यालय पर पहुंचे और कानून से ‘छिपने’ की खबरों को खारिज करते हुए उम्मीद व्यक्त की कि उनके मामले में जांच एजेंसियां कानून का सम्मान करेंगी। 

उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय के मीडिया हॉल में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यह दावा किया कि उनके खिलाफ लगे आरोप ‘‘झूठे’’ हैं। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद और अभिषेक मनु सिंघवी भी मौजूद थे। 

संवाददाताओं से बातचीत के फौरन बाद चिदंबरम राजधानी के जोरबाग स्थित अपने आवास पर पहुंच गये। इसी आवास पर कल रात सीबीआई के अधिकारियों ने उनके नाम से एक नोटिस चस्पा किया था।

चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि लोकतंत्र की बुनियाद स्वतंत्रता है। संविधान का सबसे अहम अनुच्छेद 21 है जो जीवन और स्वतंत्रता की गारंटी देता है। अगर इनमें से एक को चुनने का विकल्प हो तो मैं बेहिचक स्वतंत्रता का चुनाव करूंगा।’’ 

उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में बहुत कुछ हुआ जिससे कुछ लोगों को चिंता हुई और भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

चिदंबरम ने कहा, ‘‘आईएनएक्स मीडिया मामले में मैं किसी अपराध का आरोपी नहीं हूं। मेरे परिवार का कोई सदस्य भी इस अपराध का आरोपी नहीं है। यहां तक अदालत में सीबीआई या ईडी द्वारा कोई आरोप पत्र भी दाखिल नहीं किया गया। प्राथमिकी में भी यह नहीं कहा गया है कि मैंने कुछ गलत किया।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘ इन सबके बावजूद ऐसी धारणा पैदा की जा रही है कि बड़ा अपराध हुआ है और मैं एवं मेरे बेटे ने अपराध किया है। सब झूठ फैलाया जा रहा है।’’ 

चिदंबरम ने कहा, ‘‘ मैंने अग्रिम जमानत की मांग की। मेरे वकीलों ने उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाई कि सुनवाई की जाए। मैं पूरी रात वकीलों के साथ काम कर रहा था। आज पूरे दिन भी वकीलों के साथ काम कर रहा था।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘जब मुझे सीबीआई ने सम्मन किया और फिर ईडी पूछताछ के लिए आ गई। मैंने अग्रिम जमानत मांगी। मुझे 13-15 महीने गिरफ्तारी से अंतिम राहत मिली। गत 25 जुलाई को फैसला सात महीने के लिए सुरक्षित रखा गया और कल उच्च न्यायालय अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी।’’ 

चिदंबरम ने कहा कि अपने वकील साथियों की सलाह पर वह अग्रिम जमानत के लिए उच्चतम न्यायालय पहुंचे। 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कानून से बच नहीं रहा था, कानून के संरक्षण का प्रयास कर रहा था। मैं न्यायालय के आदेश का सम्मान करता हूं। मैं कानून का पालन करूंगा, भले ही एजेंसियों द्वारा इसे भेदभाव ढंग से लागू किया जा रहा हो। मैं सिर्फ यही उम्मीद और प्रार्थना करूंगा कि जांच एजेंसियां भी कानून का सम्मान करेंगी।’’ 

चिदंबरम के पुत्र और लोकसभा सदस्य कार्ति ने ट्वीट कर दावा किया कि उनके पिता के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मेरा आईएनएक्स मीडिया मामले से कोई लेनादेना नहीं है। हमारी सारी संपत्ति और देनदारियों का ब्यौरा घोषित है। मैं कई बार यह बात कही है।’’ 

वरिष्ठ वकील और कांग्रेस सलमान खुर्शीद ने कहा कि चिदंबरम के खिलाफ लगे आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।

गौरतलब है कि आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीबीआई अधिकारी मंगलवार को चिदंबरम के दिल्ली स्थित आवास पहुंचे, लेकिन वहां उनसे मुलाकात नहीं होने पर अधिकारियों ने एक नोटिस चस्पां कर उन्हें दो घंटे में पेश होने का निर्देश दिया।

इसके जवाब में चिदंबरम की कानूनी टीम ने कहा कि नोटिस में कानून के उन प्रावधानों का जिक्र नहीं किया गया है जिनके तहत उन्हें तलब किया गया। साथ ही उन्होंने उच्चतम न्यायालय में बुधवार सुबह उनकी याचिका पर सुनवाई होने से पहले कोई बलपूर्वक कार्रवाई ना करने की अपील भी की। सीबीआई की टीम बुधवार को सुबह एक बार फिर चिदंबरम के आवास पहुंची थी। ईडी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है।

चिदंबरम को उच्चतम न्यायालय से बुधवार कोई भी राहत नहीं मिली। शीर्ष अदालत अब पूर्व वित्त मंत्री की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।

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