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CM योगी ने की कश्मीरी छात्र—छात्राओं से मुलाकात, दिया हर सम्भव मदद का आश्वासन

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कश्मीरी छात्र—छात्राओं से मुलाकात की और कहा कि लोकतंत्र के पोषण के लिये संवाद सबसे बड़ा माध्यम हो सकता है और इस नजरिये से हमें नये सिरे से प्रयास करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर प्रदेश के विभिन्न संस्थानों में पढ़ रहे जम्मू—कश्मीर के मूल निवासी करीब 70 छात्र—छात्राओं से मुलाकात की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि हम एक लोकतंत्रिक समाज में रह रहे हैं तो इस बात को ध्यान में रखना होगा कि संवाद सबसे बड़ा माध्यम हो सकता है तथा इस नजरिये से हमें एक नये सिरे से प्रयास करने की जरूरत है।

योगी ने कहा कि बात को भी ध्यान में रखें कि वास्तव में लोकतंत्र का मतलब क्या है। हमारे जीवन में खुशहाली तभी आयेगी, जब विकास होगा। हम खुद किस तरह विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें, उसका कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता है।

उन्होंने कहा कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी सुविधाओं और रोजगार की गारंटी चाहिये। उसके सामने एक अच्छे भविष्य का सुनहरा सपना स्पष्ट दिखायी देना चाहिये और उस दिशा में हम सब मिलकर एक बेहतर पहल कर सकते हैं।

योगी ने मौजूद कश्मीरी छात्र—छात्राओं से कहा कि आप सभी को किसी भी प्रकार की शंका को दूर कर देना चाहिये और हम अपने दायरे में आने वाले मसलों का समाधान निकालेंगे। अगर कश्मीरी छात्रों की छात्रवृत्ति और उनकी फीस को लेकर कोई भी दिक्कत आती है तो राज्य सरकार इसकी व्यवस्था करेगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक योगी ने कहा कि कश्मीरी छात्र-छात्राओं को सुविधा और सुरक्षा मुहैया कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

योगी ने कहा कि राज्य के विभिन्न संस्थानों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्र—छात्राओं के लिए उनकी भूमिका एक अभिभावक की है इसलिए वे अपनी बातों को बिना किसी संकोच के रख सकते हैं। अगर कोई कश्मीरी छात्र प्रदेश में पढ़ाई के साथ साथ नौकरी करना चाहता है तो उसकी सुरक्षा और उसे रोजगार दिलाने की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। उन्होंने कॉलेज प्लेसमेंट में भी छात्रों की मदद का आश्वासन दिया।

बयान के मुताबिक योगी ने कश्मीरी विद्यार्थियों के सवालों के जवाब में कहा कि अनुच्छेद 370 हटाये जाने से जम्मू-कश्मीर के विकास में तेजी आएगी। इसका कोई नकारात्मक प्रभाव वहां के लोगों पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि आज हो रहे संवाद में जो भी बात या समस्या निकलेगी, उसे हम दूर करने का प्रयास करेंगे। सबसे जरूरी है संवाद होना चाहिए।

योगी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न संस्थानों में बड़ी संख्या में कश्मीरी छात्र—छात्राएं पढ़ रही हैं। हम जल्द ही नोएडा में उनके साथ बैठेंगे। गाजियाबाद, अलीगढ़ और प्रदेश के अलग—अलग स्थानों पर भी कश्मीरी छात्र—छात्राएं हैं। उन सभी के साथ हमने संवाद की कार्यवाही शुरू की है। समय—समय पर एक अच्छी सोच और भरोसे के साथ विकास की प्रक्रिया के साथ स्वयं भी जोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आप पढ़ाई कर रहे हैं, कल आप प्रशासनिक नौकरी के लिए भी उत्तर प्रदेश आ सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उत्तर प्रदेश को आप जानें।

योगी ने छात्रों को उत्तर प्रदेश में ढाई साल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की भी जानकारी दी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की बदली हुई तस्वीर को भी छात्रों के सामने रखा।

बाद में पर्यटन विभाग ने कश्मीरी छात्र-छात्राओं को लखनऊ में कई पर्यटक स्थलों का भ्रमण भी करवाया।

इसके पूर्व, कश्मीरी छात्र—छात्राओं को प्रशासन की निगरानी में बंद वाहनों से मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचाया गया। इस दौरान मीडिया कवरेज पर पूरी तरह पाबंदी रही। कार्यक्रम की कवरेज के लिये पहले तो मीडिया को आमंत्रित किया गया था, मगर ऐन मौके पर उसे मना कर दिया गया। बाद में एक टीवी चैनल पर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण हुआ, लेकिन कश्मीरी छात्र—छात्राओं के सवाल—जवाब का सिलसिला शुरू होते ही प्रसारण अचानक रोक दिया गया।

गौरतलब है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ रहे कश्मीरी छात्र—छात्राओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के कार्यक्रम में शरीक ना होने का फैसला किया था।

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