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गौ हत्या और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ CM योगी का सख्त रुख

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवध, गोवंश के अवैध व्यापार और अवैध रूप से संचालित पशु वधशालाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के आज निर्देश दिए.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक योगी ने कहा कि इस संबंध में कोई शिथिलता पाए जाने पर संबंधित जिले के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत तौर पर जवाबदेह होंगे. इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय द्वारा आज यहां योजना भवन में एक विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों पुलिस अधीक्षकों को मुख्यमंत्री के निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई.

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों-पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में की जा रही कार्रवाई की संयुक्त रिपोर्ट हर हफ्ते मुख्य सचिव कार्यालय तथा पुलिस महानिदेशक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

उन्होंने मण्डलायुक्तों और फील्ड में तैनात पुलिस डीआईजी, आईजी एवं एडीजी को निर्देशित किया कि संबंधित जनपद के भ्रमण के दौरान वे इन निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करें.

अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि थाना स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए सम्बन्धित थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नामित किया जाए. गौकशी के संबंध में कोई शिकायत अथवा मीडिया में प्रकाशित-प्रसारित खबरों को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराई जाए.

उन्होंने कहा कि इसके लिए राजस्व विभाग के तंत्र को सक्रिय किया जाए. उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल को इस संबंध में संवेदनशील रहने के लिए निर्देशित किया जाए.

मुख्य सचिव ने कहा कि असामाजिक तत्व इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देकर अमन-चैन के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं इसलिए इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए ग्राम चौकीदार, बीट कॉन्सटेबल और लेखपाल के अभिसूचना तंत्र को सुदृढ़ बनाया जाए. जहां कहीं भी गोवध की सूचना मिले तो वहां वास्तविक अभियुक्तों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरी जांच के पश्चात ही शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत किए जाएं. सभी जिलाधिकारी तत्काल प्रभाव से जेल का निरीक्षण जरूर करें. फील्ड में तैनात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अपने मुख्यालय पर ही रहें ताकि प्रभावी पर्यवेक्षण किया जा सके. उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों और महत्वपूर्ण आयोजनों के मद्देनजर पूरी सतर्कता बरती जाए.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने बुलंदशहर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, फतेहपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और गाजियाबाद सहित अन्य जनपदों के अधिकारियों से गोवध, गोवंश के अवैध व्यापार और अवैध बूचड़खानों के संचालन में संलिप्त तत्वों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली.

(इनपुट : भाषा)

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