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CM नीतीश ने 315 करोड़ रुपए की लागत वाले बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय, स्मृति स्तूप का किया शिलान्यास

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को 315 करोड़ रुपए की लागत से वैशाली जिला में 72 एकड़ में निर्मित होने वाली बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप का शिलान्यास रिमोट के माध्यम से किया।

शिलान्यास के अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वैशाली ऐतिहासिक भूमि है, जिसने दुनिया को पहला गणतंत्र दिया। इस धरती से भगवान बुद्ध और भगवान महावीर का भी संबंध रहा है। भगवान बुद्ध के जीवन काल में बौद्ध धर्मावलंबियों का जो यहां संघ बना था, उसमें पहली बार यहीं पर महिलाओं को भी शामिल किया गया था इसलिए नारी सशक्तिकरण की भी यह भूमि रही है।

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के 2550वें महापरिनिर्वाण पर वर्ष 2007 में पटना जंक्शन के ठीक सामने बुद्ध स्मृति पार्क बनाने का निर्णय लिया गया। करीब 22 एकड़ में इसका निर्माण हुआ और लोकार्पण दलाई लामा के हाथों हुआ। पार्क में निर्मित स्तूप का नामकरण दलाई लामा ने ‘करूणा स्तूप’ किया।

नीतीश ने कहा कि स्तूप के साथ ही बुद्ध से संबंधित संग्रहालय का भी निर्माण कर भगवान बुद्ध की मूर्ति लगाई गई है। मूर्ति के पास बोधिवृक्ष लगाया गया। योग केंद्र स्थापित किया गया है।

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का अस्थि अवशेष छह जगहों से प्राप्त हुआ, जिसमें वैशाली के मंडस्तूप से जो अस्थि अवशेष मिले, उसकी प्रामाणिकता अधिक है। इस बात की जानकारी चीनी यात्री ह्वेनसांग के किताब से मिलती है। भगवान बुद्ध का अंतिम संस्कार वैशाली में ही हुआ था और उनके अस्थि अवशेष को आठ हिस्सों में बांटा गया था, जिसमें से एक हिस्सा वैशाली के मंडस्तूप में रखा गया।

उन्होंने कहा कि वैशाली में जो बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय के साथ स्मृति स्तूप बनेगा वह पत्थर का होगा। गौरतलब है कि कार्यारम्भ एवं शिलान्यास की गई परियोजना का काम ढाई वर्ष के अंदर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, कला संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि सहित कई विधायकों ने भी संबोधित किया। 

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