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तिहाड़ से जमानत पर रिहा हुए चिदंबरम ने रास की बैठक में हिस्सा लिया

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में 105 दिन तक तिहाड़ जेल में बंद रहने के बाद बुधवार को जमानत पर रिहा हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा की कार्यवाही में भाग लिया।

चिदंबरम सुबह बैठक शुरू होने पर सदन में आए और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने उनसे हाथ मिलाते हुए उन्हें गले लगाया। कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी उनसे हाथ मिलाया।

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने उनका अभिवादन करते हुए कहा ‘‘वेलकम बैक सर।’’ मुस्कुराते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने उनके अभिवादन का जवाब दिया।

अगली सीट पर बैठे चिदंबरम पास बैठे ए के एंटनी और आनंद शर्मा से बातचीत करते और फिर शांत बैठे देखे गए।

उन्होंने उच्च सदन के कर्मियों से आज के कामकाज का एजेंडा मांगा। एजेंडा मिलने पर उन्होंने उसे पढ़ा।

इससे पहले चिदंबरम ने संसद भवन परिसर में कांग्रेस सांसदों के साथ, प्याज की कीमतों पर हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया । उन्होंने कहा कि वह आज मीडिया से भी संवाद करेंगे ।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं वापस आकर खुश हूं । सरकार संसद में मेरी आवाज नहीं दबा सकती । ’’

आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में चिदंबरम को एक दिन पहले ही उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली थी। वह तिहाड़ जेल में बंद थे।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर असामान्य रूप से मौन हैं और उन्होंने अपने मंत्रियों को ‘‘लोगों को बेवकूफ बनाने तथा शेखी बघारने’’ के लिए छोड़ दिया है।

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का मानना है कि इस वित्त वर्ष के सात माह बाद भी अर्थव्यवस्था के सामने आ रही समस्याएं चक्रीय हैं।

चिदंबरम 106 दिन जेल में रहे और उन्हें बुधवार को जमानत पर रिहा किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को अर्थव्यवस्था की कोई खबर नहीं है। वह नोटबंदी, त्रुटिपूर्ण जीएसटी, कर आतंकवाद जैसी भयानक गलतियों का बचाव करने पर अड़ी हुई है।’’

चिदंबरम ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था पर असामान्य रूप से मौन हैं। उन्होंने इसे अपने मंत्रियों पर छोड़ दिया है जो ‘लोगों को बेवकूफ बनाने तथा शेखी बघारने’ में लगे हैं। अर्थव्यवस्था को सुस्ती से बाहर निकाला जा सकता है लेकिन यह सरकार ऐसा करने में अक्षम है।’’
 

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